ब्रेकिंग
बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशदोहरी नागरिकता के बाद अब नए मामले में घिरे राहुल गांधी, सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय की तारीखJDU विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक बरकरारदिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवालबिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशदोहरी नागरिकता के बाद अब नए मामले में घिरे राहुल गांधी, सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय की तारीखJDU विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक बरकरारदिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल

नीतीश ने सहनी को बलि का बकरा बना दिया, शिवानंद बोले.. दोषी अधिकारियों पर एक्शन ले सरकार

PATNA : अपने भाई को मंत्री वाला ट्रीटमेंट दिलवाने के प्रकरण में फजीहत के बाद मंत्री मुकेश सहनी ने सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती कबूल की. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

नीतीश ने सहनी को बलि का बकरा बना दिया, शिवानंद बोले.. दोषी अधिकारियों पर एक्शन ले सरकार
First Bihar
3 मिनट

PATNA : अपने भाई को मंत्री वाला ट्रीटमेंट दिलवाने के प्रकरण में फजीहत के बाद मंत्री मुकेश सहनी ने सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती कबूल की. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया के सामने उन्हें गलती मानने के लिए कहा. मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद ही मुकेश सहनी ने इस मामले पर गलती कबूली. लेकिन आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी केवल मुकेश सहनी की माफी से मामले का पटाक्षेप होने नहीं देना चाहते. शिवानंद तिवारी ने इस पूरे प्रकरण में दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके ऊपर कार्यवाही की मांग की है.


शिवानंद तिवारी ने कहा है कि मुकेश सहनी ने गलती की और उन्होंने अपनी गलती सार्वजनिक रूप से कुबूल कर ली है. मुकेश साहनी राजनीत में नए आए हैं. पहली मर्तबा सरकार में मंत्री ही नहीं बल्कि किसी सदन के सदस्य भी बने हैं. इसलिए माना जा सकता है कि सरकारी कामकाज के तौर-तरीकों  की बहुत समझ वे नहीं रखते हैं. लेकिन उन पदाधिकारियों को क्या कहा जाएगा जिन्होंने मंत्री के बदले उनके भाई को वही हैसियत दी जो एक मंत्री को दी जाती है ! पदाधिकारी मंत्री को सहयोग देने के लिए होते हैं.


राजनीतिक व्यक्ति जब पहली मर्तबा मंत्री बनता है तो उसके तौर-तरीकों के विषय में उसको जानकारी नहीं होती है. ऐसे मौकों पर प्रशासनिक अधिकारी उसकी सहायता के लिए होते हैं. लेकिन इस प्रकरण में जितनी गलती मुकेश साहनी की है उससे कहीं ज्यादा बड़ी और गंभीर गलती उन प्रशासनिक अधिकारियों ने की है जिन्होंने सारा कार्यक्रम मंत्री के एवज में उनके भाई से करवाया. 


मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से मुकेश सहनी से गलती कुबूल करवा कर और उनसे खेद व्यक्त करवा कर इस प्रकरण का इतिश्री करवा दिया है. मुझे लगता है, यह सही नहीं है. उन पदाधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने सरकारी कार्यक्रमों के शिष्टाचार का अपमान किया है.

टैग्स

संबंधित खबरें