ब्रेकिंग
अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान

मोकामा दुलारचंद यादव हत्याकांड: CID की हाईलेवल टीम ने तेज की जांच, घटनास्थल से मिले अहम सुराग

मोकामा में RJD नेता दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच तेज हो गई है। CID की हाईलेवल टीम ने घटनास्थल से कई अहम सुराग जुटाए हैं। फॉरेंसिक जांच में ऐसे पत्थर मिले हैं जो रेलवे ट्रैक पर इस्तेमाल होते हैं, जिससे साजिश की आशंका और गहरी हो गई है।

बिहार
दुलारचंद हत्याकांड
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

MOKAMA: मोकामा में हुए चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच अब तेज कर दी गयी है. बिहार पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने इस मामले की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से अपने हाथों में ले ली है। जांच की कमान CID के डीआईजी जयंतकांत को सौंपी गयी है, जो खुद घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले का बारीकी से जायजा ले रहे हैं।


CID की टीम ने मोकामा में कैंप किया 

शनिवार को बिहार पुलिस की कई अलग-अलग जांच टीमें मोकामा के बसावन चक इलाके में पहुंचीं, जहां दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। CID की टीम ने एफएसएल (Forensic Science Laboratory) विशेषज्ञों के साथ मिलकर घटनास्थल की वैज्ञानिक तरीके से जांच की।सूत्रों के अनुसार, टीम को मौके से कई अहम सुराग मिले हैं, जो जांच को नई दिशा दे सकते हैं।


गाड़ियों से जुटाए गए सबूत

जांच टीम ने उन गाड़ियों की भी जांच की, जो घटना के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थीं। इन वाहनों से भी फॉरेंसिक टीम ने कई सबूत इकट्ठा किए हैं। माना जा रहा है कि गाड़ियों से मिले डैमेज पैटर्न, पत्थरों के निशान और अन्य सामग्री के जरिए पुलिस हमलावरों की पहचान तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


रेलवे ट्रैक वाले पत्थर बने जांच का केंद्र

मोकामा टाल के इलाके में जांच के दौरान टीम को ऐसे पत्थर मिले हैं, जो आमतौर पर रेलवे ट्रैक पर इस्तेमाल होते हैं। जांच अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के पत्थर मोकामा टाल में सामान्यत: नहीं पाए जाते, जिससे अब एक बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है। 


CID टीम ने इन पत्थरों के सैंपल लेकर उन्हें लैब टेस्ट के लिए भेज दिया है। जांच में ये भी सामने आया है कि गाड़ियों के काफिले पर हमला इन्हीं पत्थरों से किया गया था। अब बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर ये भारी और तेज धार वाले पत्थर क्या पहले से योजना बनाकर मोकामा टाल के इलाके में लाए गए थे? अगर ऐसा है तो यह घटना सिर्फ एक हिंसक टकराव नहीं बल्कि एक सोची–समझी साजिश की ओर इशारा करती है।


स्थानीय स्तर पर भी पूछताछ जारी

CID टीम ने स्थानीय ग्रामीणों और चश्मदीदों से भी पूछताछ की है। कई लोगों से यह जानकारी ली जा रही है कि घटना से पहले या बाद में इलाके में कोई संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी या नहीं। पुलिस आसपास लगे CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन डाटा का भी विश्लेषण कर रही है ताकि हमले में शामिल लोगों तक पहुंचा जा सके।


क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?

कुछ दिन पहले मोकामा टाल के इलाके में आरजेडी नेता दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। बताया जाता है कि उनकी हत्या उस वक्त हुई जब वे जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे. इस घटना ने मोकामा ही नहीं बल्कि पूरे बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है और अब CID की जांच से उम्मीद की जा रही है कि इस हत्या की पूरी सच्चाई जल्द सामने आ सकेगी।