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kamala persad bissessar : बिहार की बेटी ने विदेश में बढ़ाया देश और राज्य का मान, अब एक बार फिर बनने जा रहे प्रधानमंत्री; जानिए क्या है नाम

kamala persad bissessar : बिहार के बक्सर जिले के भेलुपुर गांव की कमला परसाद बिसेसर त्रिनिदाद और टोबैगो की फिर से प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस ने हालिया चुनाव में बहुमत हासिल किया।

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Tejpratap
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kamala persad bissessar : बिहार की बेटी ने एक बार फिर विदेश में अपने राज्य और देश का झंडा बुलंद किया है। इन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल दुसरे देश के सबसे मत्वपूर्ण पद पर अपनी पैठ जमा ली है। इसके बाद अब इनके पैतृक गांव में भी काफी ख़ुशी का माहौल कायम हो गया है। तो आइए जानते हैं कि यह कौन है और इन्होंने क्या मुकाम हासिल किया है। 


जानकारी के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिले के भेलुपुर गांव की कमला परसाद बिसेसर त्रिनिदाद और टोबैगो की फिर से प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस ने हालिया चुनाव में बहुमत हासिल किया। 73 वर्षीय कमला 2010 से 2015 तक प्रधानमंत्री रह चुकी हैं और अपने पुरखों की तलाश में भेलुपुर आई थीं। इस खबर से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।


बताया जा रहा है कि, 73 वर्षीय कमला, इससे पहले 2010 से 2015 तक देश की पहली महिला प्रधानमंत्री रह चुकी है। कमला के पूर्वज भेलुपुर गांव से त्रिनिदाद पहुंचे थे। उनके परदादा रामलखन 1889 में कोलकाता से एक स्टीमर के जरिए त्रिनिदाद गए थे। ब्रिटिश शासन के दौरान विदेश जाने वाले मजदूरों के रिकार्ड में भेलुपुर गांव का जिक्र मिला, जिसके आधार पर कमला अपने पैतृक गांव तक पहुंची थीं।


बताया जा रहा है कि, 2010 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने पुरखों की जड़ें तलाशने की ठानी और 2012 में अपने पुरखों के गांव तक पहुंच गईं।

इस यात्रा ने न केवल उनकी निजी जिंदगी को भावनात्मक रूप से समृद्ध किया, बल्कि भारत और त्रिनिदाद के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को भी मजबूत किया।


इधर, कमला की इस जीत पर बिहार, खासकर भेलुपुर गांव में खुशी की लहर है। रिश्ते में उनके चाचा लगने वाले जगदीश मिश्रा ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का पल है।उनके भाई ओम प्रकाश मिश्रा और भरत मिश्रा ने कहा कि बहन को एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनने की जानकारी मिलने के बाद उनके पूरे गांव में उत्साह का माहौल है। उनके भतीजे साेनू, मोनू, रौशन, राज, अजीत, गोलू, राहुल और दयानंद इस बात से उत्साहित हैं कि उनकी बुआ किसी देश की प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं।