1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 13 Sep 2025 10:02:56 AM IST
बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Bihar News: बिहार में आगामी चुनाव को देखते हुए सरकार लगातार सौगातों की बरसात कर रही है। खास तौर से राज्य की महिलाओं के आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार सरकार फोकस की है। जिसके लिए नीतीश सरकार की हाल ही में घोषित मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की घोषणा की है। अब इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। बता दें कि इस योजना के तहत सरकार से 10000 रुपये रोजगार को आरंभ करने के लिए दे रही है।
अब सवाल यह उठता है कि महिलाएं इस राशि को किस रोजगार को शुरु करना चाहते है? इस विषय पर कई महिलाओं से बातचीत के दौरान के पता चला कि महिलाएं बकरी, मुर्गी, गौपालन, व्यूटी पार्लर के आलावा किराना दुकान खोलना चाहती हैं। खुशरुपुर प्रखंड की सुषमा कुमारी ने बताया कि वह इन पैसों से पशुपालन का व्यापार करेंगी। इसके अलावा रानी कुमारी ने बताया कि वह बिहार सरकार की ओर से 10 हजार की राशि से सिलाई मशीन खरीदकर स्वरोजगार करेंगी। साथ ही कई सारी महिलाएं हैं, जो किराना दूकान, अंड़े की दूकान, स्टेशनरी दूकान चलाएंगी।
इधर, नवविवाहित महिलाओं का यह कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से जो आर्थिक मदद दी जा रही है उससे वह ब्यूटीशियन और ब्यूटी पार्लर का काम करेंगी। इसके अलावा कई सारी महिलाओं की यह भी कहना है कि वह इन पैसों से कच्चा माल खरीदकर तरह-तरह की पकवान तैयार करेंगी और उन्हें बाजार में बेचा करेंगी।
वहीं, जब इस महिलाओं से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को लेकर सवाल पछा गया, तो महिलाओं का कहना है कि नीतीश सरकार ने हम महिलओं के लिए सोचा है। जिससे हम खुद का रोजगार शुरु कर सशक्त हो सकेंगी। अब इस सहायता से हमारा खुद का रोजगार होगा। कई महिलाओं का कहना है कि अब हमें ऐसा महशुस हो है जैसे हमें किसी के सामने हाथ फैलाने की जरुरत नहीं होगी। साथ ही हमें अपने छोटे-छोटे कामों के लिए उधार और बैंक से लोन लेने पड़ते है, लेकिन अब इस योजना के द्वारा हमको कोई उधार या लोन लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी।
सीएम नीतीश की इस योजना को लेकर महिलाओं में ख़ुशी की लहार दौड़ पड़ी है। इस योजना को लेकर जब महिलाओं से सवाल किए गए तो वह सरकार की इस योजना की काफी तारीफ कर रही हैं। उनका कहना है कि आज भी उनका परिवार काफी बड़ा है ऐसे में सिर्फ उनके पति के बाहर जाकर थोड़े पैसे कमाने से परिवार चलाना थोड़ा मुश्किल था लेकिन अब सरकार ने जो यह आर्थिक मदद दी है उससे यह अपने घरों में ही रोजगार कर सकती है।
अब महिलाओं को जो छोटे छोटे ग्रामीण बैंकों से कर्ज लेने पड़ते थे या अपने इलाके के साहूकार या जमींदार से उधार पर पैसे लेने पड़ते थे बच्चो की पढ़ाई के लिए वह नहीं करना होगा। इसकी वजह यह है कि सरकार उन्हें शुरआती तौर पर दस हजार रुपए की मदद देगी जिससे वह छोटे स्तर पर रोजगार करेगी और जब छह महीने में उनका रोजगार बढ़ेगा, तो सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि उन्हें दो लाख रुपए तक दिए जाएंगे। ऐसे में यदि उन्हें अपना व्यापार बढ़ना होगा तो अधिक सोच-विचार नहीं करना होगा।
गौरतलब हो कि, इसी साल बिहार में चुनाव है ऐसे में नीतीश सरकार की यह योजना काफी मास्टरस्ट्रोक साबित हो रही है। इसकी वजह यह है कि इसके जरिए सीधा महिला के खाते में पैसे जा रहे हैं और वह भी अब खुद को आर्थिक तौर पर सशक्त बना रही है।इतना ही नहीं बिहार में महिलाओं की काफी आबादी ग्रामीण इलाकों में हैं और वहां की महिलाएं परिवार की कृषि या या अन्य छोटे रोजगार पर निर्भर होती है और उनका काफी भरा-पूरा परिवार होता है। ऐसे में उन्हें काफी हद से इसके जरिए फायदा मिलेगा और उनका लगाब खुद सीएम नीतीश कुमार के साथ होगा।
बता दें कि आवेदन की प्रक्रिया चल रही है, इसी महीने पैसा लाभार्थियों को मिल जाएगा। रोजगार शुरू करने के लिए सरकार ने आर्थिक सहायता देने की पहल की तो बड़ी संख्या में महिलाएं आगे आई हैं। राज्य भर से अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं ने इसके लिए आवेदन किया है।
इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए जीविका समूह से जुड़ना अनिवार्य है। इसलिए इस समूह से पूर्व से जीविका से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के आवेदन प्राथमिकता के आधार पर लिए जा रहे हैं, जिन्हें जीविका दीदी भी कहा जाता है। जीविका ने तय किया है कि इस योजना के तहत आधार बेस बैंक खाते में ही राशि का भुगतान होगा। 90 लाख से अधिक जीविका दीदियों का आधार बेस खाते तैयार हैं। वहीं, शेष के बैंक खातों को भी आधार से जोड़ा जा रहा है।
एक करोड़ महिलाओं को जल्द ही इस योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त दी जाएगी, ताकि महिलाएं अपने रोजगार की तैयारी शुरू कर दें। इसी तैयारी का आकलन करने के बाद महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।