1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 17, 2025, 7:11:52 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar Weather: बिहार में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के दर्जन भर जिलों के लिए अलर्ट जारी किया, जिसमें भारी वर्षा और ठनका गिरने की आशंका जताई गई। इन जिलों में शामिल हैं कैमूर, जमुई, भागलपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, सिवान, सीतामढ़ी, रोहतास, गया और बेगूसराय। विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान 30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।
वहीं, उत्तर बिहार के सभी जिलों में बादल छाए रहेंगे और मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में भी मेघगर्जन के साथ बारिश जारी रहेगी। पटना में मंगलवार को कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि, जलभराव की समस्या कुछ जगहों पर बनी रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वोत्तर बांग्लादेश और असम के ऊपर बने चक्रवाती तंत्र तथा बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी इसके पीछे मुख्य कारण है।
अगले तीन दिनों तक यानी 19 सितंबर तक राहत की उम्मीद नहीं है। 18 सितंबर को बक्सर, भोजपुर, दक्षिण-पश्चिम और पटना-गया सहित दक्षिण-मध्य बिहार को छोड़कर अन्य जिलों में मूसलाधार बारिश होगी। गोपालगंज में अत्यधिक भारी वर्षा, जबकि पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान और सारण में भारी बारिश की संभावना है। 19 सितंबर को उत्तर बिहार के साथ भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में भारी वर्षा रहेगी। बाकी जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है, लेकिन हल्की-मध्यम बारिश संभव है।
लगातार बारिश से बिहार के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। मुंगेर के छह प्रखंडों की 33 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे दो लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। दरभंगा में DMCH कैंपस और हॉस्टल परिसर में जलभराव है, जबकि भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने हालात बिगड़ने पर हॉस्टल खाली कर घर लौटना बेहतर समझा। वैशाली में भी बारिश का दौर जारी है। विभाग ने सलाह दी है कि ठनका के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या पानी के पास न जाएं और किसान खेतों में काम से बचें।