1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 26 Aug 2025 10:23:28 AM IST
Tejashwi Yadav - फ़ोटो file photo
Tejashwi Yadav : बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कटे 65 लाख नाम को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रही है। इस बीच यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा और वहां यह आदेश जारी किया गया कि उनके एजेंट इसको लेकर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद भी एजेंट से आपत्ति नहीं आने पर सुप्रीम कोर्ट के सवाल के बाद तेजस्वी यादव ने नाम जुड़वाने में जुट जाने की अपील की है।
जानकारी हो कि, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने अब जाकर राजद कार्यकर्ताओं के नाम वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि वो मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कटे नामों को जुड़वाने में जुट जाएं। 1 सितंबर तक मतदाता सूची के मसौदे पर आपत्ति और दावा दाखिल करने का समय है।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले शुक्रवार को इस मसले पर चल रहे मुकदमे की सुनवाई के दौरान आश्चर्य जताते हुए पूछा था कि राजनीतिक दलों के 1.60 लाख से ऊपर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) अब तक कर क्या रहे हैं। अदालत ने कहा था कि इनको मतदाताओं की मदद करनी चाहिए।
तेजस्वी ने वीडियो अपील में कहा- “जो वोटर का नाम काटा गया है, उसे जोड़ने की प्रक्रिया में आप सब लोग मिलकर लगिए। किसी भी मतदाता का नाम ना छूटे, सुनिश्चित करिए। आप लोगों की जिम्मेवारी है, किसी भी मतदाता का नाम ना छूटे, उसको जुड़वाने का काम करिए। खास तौर पर नए लोगों का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने में सब लोग सक्रिय भूमिका निभाएं। चुनाव आयोग लगातार बेईमानी करने पर उतारू है। ये हम सब लोगों की जिम्मेवारी है कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने का काम करें। किसी भी गरीब मतदाता का नाम ना छूटे। जहां यात्रा हो गई है वहां पूरी ताकत से लगिए। जहां यात्रा है, वहां एक दिन का काम है। मतदाता सूची में जो भी गड़बड़ियां हैं, उसको आप लोग ठीक करवाइए।”
आपको बताते चलें कि,तेजस्वी अभी वोटर अधिकार यात्रा पर निकले हुए हैं और उनके साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सीपीआई-माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नेता मुकेश सहनी समेत विपक्षी दलों के महागठबंध के नेता भी चल रहे हैं। तेजस्वी ने सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी कर पार्टी के नेताओं से कहा है कि जिन लोगों के नाम कटे हैं, उनके नाम जुड़वाने में सब लोग जुट जाएं। सुप्रीम कोर्ट से हालांकि विपक्षी दलों को एक राहत मिली है कि अब चुनाव आयोग को आपत्ति और दावा की प्रक्रिया में उसके द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों के अलावा आधार कार्ड भी लेने कह दिया गया है।