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हटाए गए नाम जोड़े गए नामों से ज्यादा, कांग्रेस ने बिहार के फाइनल वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल

बिहार की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हटाए गए नाम जोड़े गए नामों से कहीं ज्यादा हैं और कई पात्र मतदाताओं के नाम जानबूझकर काटे गए।

बिहार
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: बिहार में चुनाव आयोग ने मंगलवार को राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है, जिसकी प्रति सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई। इस सूची पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने गंभीर सवाल उठाए हैं। राजेश राम ने कहा कि इस बार मतदाता सूची से हटाए गए नाम, जोड़े गए नामों की तुलना में कहीं ज्यादा हैं। 


कांग्रेस कार्यकर्ता हटाए गए और जोड़े गए नामों का गहन मूल्यांकन करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि यह मुद्दा यहीं समाप्त नहीं होगा और पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त जहां इस प्रक्रिया को सफल बता रहे हैं, वहीं वास्तव में इसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गहरे सवाल खड़े हैं। उन्होंने कहा कि कई पात्र मतदाताओं के नाम जानबूझकर सूची से हटा दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची की समीक्षा करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता इससे वंचित न रह जाए।


उन्होंने एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) प्रक्रिया को भी छलावा करार दिया और कहा कि इसे इतनी लापरवाही और अपारदर्शिता से किया गया कि अंततः न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा। आंकड़ों के अनुसार, 24 जून को एसआईआर की शुरुआत से लेकर अंतिम सूची जारी होने तक कुल 69 लाख 30 हजार 817 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इसमें दावा-आपत्ति और एसआईआर के आंकड़े भी शामिल हैं। वहीं, इस अवधि में 21 लाख 53 हजार 343 नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए।


एसआईआर शुरू होने से पहले मतदाता सूची में 7 करोड़ 89 लाख 69 हजार 844 मतदाता दर्ज थे। प्रक्रिया के दौरान 22 लाख 34 हजार 136 मतदाता मृत पाए गए, जबकि 6 लाख 85 हजार मतदाताओं के नाम दोहरी प्रविष्टि में मिले। इसके अलावा, 36 लाख 44 हजार 939 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित पाए गए। अंतिम मतदाता सूची में अब 7 करोड़ 41 लाख 92 हजार 357 योग्य मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।

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