Bihar News: बर्खास्त सिपाही को विजिलेंस ने किया गिरफ्तार, जाली पेपर पर फिर से नौकरी में आ गया और संचिका ही गायब कर दिया

Vinod Kumar Yadav को पटना विजिलेंस ने गिरफ्तार किया। आरोप है कि जाली दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से नौकरी में लौटे और मूल संचिका गायब कर दी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 16 Feb 2026 10:44:55 PM IST

बिहार न्यूज

बर्खास्त सिपाही विनोद यादव अरेस्ट - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: निगरानी ने बर्खास्त सिपाही को अरेस्ट किया है। रोहतास के डिहरी-2 के बर्खास्त सिपाही विनोद कुमार यादव पर आरोप है कि अन्य लोक सेवकों एवं गैर लोक सेवकों के साथ मिलकर जाली कागजात प्रस्तुत कर अवैध ढंग से पुनः सेवा में आये और नाजायज तरीके से वेतन प्राप्त किया। यही नहीं पकड़े जाने के डर से एक-दूसरे के मिलीभगत से संबंधित मूल संचिका को ही गायब कर दिया। 


15.02.2026 को निगरानी के न्यायाधीश जस्टिस मो0 रूस्तम, पटना द्वारा निगरानी थाना कांड सं0-53/2009 अन्तर्गत धारा 109/201/120बी0/409/420/ 467/468/ 471/477ए भा0द0वि0 एवं धारा 7, 13(2) सह पठित धारा 13(1)(डी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में निर्गत अजमानतीय अधिपत्र के निष्पादन में अभियुक्त विनोद कुमार यादव उर्फ जागेश्वर यादव उर्फ जागो यादव, पे0- स्व0 बाढ़ो यादव, साकिन- गंगटा, थाना- नरहट, जिला- नवादा को गिरफ्तार किया गया। 


प्राथमिकी अभियुक्त विनोद कुमार यादव, बर्खास्त सिपाही संख्या-323, बि0सै0पु0, डिहरी-2, जिला- रोहतास ने अन्य लोक सेवकों एवं गैर लोक सेवकों के साथ मिलकर जाली कागजात का सृजन कर जाली कागजात के आलोक में अवैध ढंग से पुनः सेवा में आये और नजायज तरीका से वेतन भुगतान प्राप्त किया तथा पकड़े जाने के भय से एक-दूसरे के मिलीभगत से संबंधित मूल संचिका को गायब कर दिया। अनुसंधानोपरांत प्राथमिकी अभियुक्त विनोद कुमार यादव के खिलाफ आरोप पत्र संख्या-13/2024, दिनांक-11.06.2024 अन्तर्गत धारा 109/201/120बी0/409 /420/467/468/ 471/477ए भा0द0वि0 एवं धारा 7, 13(2) सह पठित धारा 13(1)(डी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 माननीय न्यायालय में समर्पित किया गया। 


माननीय न्यायालय द्वारा उपरोक्त धाराओं में संज्ञान दिनांक-09.08.2024 को लिया गया एवं अभियुक्त श्री विनोद कुमार यादव के उपस्थिति हेतु समन/जमानतीय अधिपत्र निर्गत किया गया। अभियुक्त श्री विनोद कुमार यादव द्वारा माननीय न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर अजमानतीय अधिपत्र निर्गत किया गया। प्रारंभ में उक्त क्रम में अभियुक्त घर से फरार पाये गये थे। पुनः इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक, नवादा को दी गयी। नवादा जिला पुलिस द्वारा विशेष प्रयास कर अभियुक्त को दिनांक 15.02.2026 को गिरफ्तार किया गया। आज दिनांक 16.02.2026 को निगरानी थाना, पटना द्वारा अभियुक्त को माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया गया जिसे माननीय न्यायालय द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।