1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 27, 2026, 9:03:00 AM
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Bihar Assembly : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का आज अंतिम दिन है और राजनीतिक दृष्टि से यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूरे सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस, हंगामा, सवाल-जवाब और कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा देखने को मिली। आज के समापन दिवस पर गैरसरकारी संकल्पों के साथ-साथ कुछ अहम विधेयकों पर चर्चा और निर्णय लिया जाएगा, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी।
बजट सत्र की शुरुआत राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष का बजट पेश किए जाने के साथ हुई थी। इसके बाद विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा, कटौती प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण, शून्यकाल और प्रश्नकाल के माध्यम से जनहित के मुद्दों को उठाया गया। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, वहीं सत्ता पक्ष ने बजट को विकासोन्मुख और जनहितकारी बताते हुए अपनी योजनाओं का बचाव किया।
समापन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार पूरे सत्र का विस्तृत ब्यौरा सदन के पटल पर रखेंगे। इसमें यह बताया जाएगा कि सत्र के दौरान कुल कितनी बैठकें आयोजित हुईं, कितने विधेयक पेश किए गए और उनमें से कितने पारित हुए। साथ ही, प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए तारांकित और अतारांकित प्रश्नों की संख्या, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, शून्यकाल सूचनाओं और स्थगन प्रस्तावों की जानकारी भी साझा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, इस बार के बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिनका सीधा संबंध राज्य के प्रशासनिक ढांचे, वित्तीय प्रबंधन और जनकल्याणकारी योजनाओं से है। कुछ विधेयकों पर विपक्ष ने संशोधन प्रस्ताव भी दिए, हालांकि अधिकांश विधेयक बहुमत के आधार पर पारित हुए। गैरसरकारी संकल्पों के माध्यम से भी विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया।
सत्र के दौरान कई बार सदन की कार्यवाही हंगामे की वजह से बाधित भी हुई। विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी की और सरकार से जवाब की मांग की। इसके बावजूद, अध्यक्ष की पहल पर सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने का प्रयास किया गया। कई मौकों पर सर्वदलीय सहमति से चर्चा भी हुई, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती झलकती है।
आज अंतिम दिन होने के कारण सभी दलों के विधायकों की नजर कार्यवाही पर टिकी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समापन दिवस पर दिए जाने वाले अध्यक्षीय वक्तव्य से यह स्पष्ट होगा कि सत्र कितना उत्पादक रहा। साथ ही, यह भी आकलन किया जाएगा कि सरकार और विपक्ष ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन किस हद तक किया।
सत्र समाप्ति के बाद बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों—विधानसभा और विधान परिषद—की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी। इसके साथ ही बजट सत्र का औपचारिक समापन हो जाएगा। हालांकि, सत्र के दौरान उठाए गए मुद्दों और पारित विधेयकों का प्रभाव आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति और प्रशासन पर देखने को मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह बजट सत्र कई अहम फैसलों, तीखी बहसों और जनहित से जुड़े सवालों के कारण चर्चा में रहा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि समापन दिवस पर क्या संदेश दिया जाता है और आगे की राजनीतिक दिशा क्या होगी।