1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 10 Feb 2026 10:44:37 AM IST
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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में बजट सत्र के छठे दिन भी विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव जारी रहा। आज मंगलवार को चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने सदन में बिहार सरकार का पुतला लेकर हंगामा किया। पुतले पर हाल के अपराधों की सूची लगाई गई थी और इसे चूड़ियों से सजाया गया। साथ ही पोस्टर लगाया गया, जिसमें लिखा था – “माफी चाहते हैं, हम बिहार की बेटियों को न्याय नहीं दिला पा रहे।” यह प्रदर्शन लॉ-एंड-ऑर्डर और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरने का स्पष्ट संकेत था।
विधानसभा में आज प्रश्नोत्तर काल के दौरान कई सवाल उठेंगे। आलोक कुमार सिंह, मुरारी प्रसाद और अन्य तीन सदस्यों के ध्यानाकर्षण सूचनाओं पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जवाब दिया जाएगा। वहीं अख्तरुल ईमान, संदीप सौरभ और अन्य छह सदस्यों की ओर से प्रस्तुत किए गए ध्यानाकर्षण पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जवाब प्रस्तुत किया जाएगा। यह प्रक्रिया सदन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए की जाती है।
आज सदन में बिहार नगरपालिका विधि सेवा नियमावली 2025 और बिहार नगरपालिका योजना सेवा नियमावली 2025 की प्रति भी रखी जाएगी। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आय-व्यय में सम्मिलित अनुदान की मांगों पर सेकंड हाफ में वाद-विवाद की उम्मीद है। यह हिस्सा बजट सत्र का महत्वपूर्ण खंड माना जाता है क्योंकि यहां सरकार अपने प्रस्तावित खर्च और योजनाओं की व्याख्या करती है और विपक्ष अपनी आपत्तियां उठाता है।
सोमवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच हुई तीखी बहस का जिक्र पूर्व मंत्री श्याम रजक ने करते हुए इसे देवर-भौजाई के मामले के समान बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, बल्कि केवल अपने चेहरों को चमकाने की कोशिश की जा रही है। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वहीं, दूसरी ओर, आज विधानसभा में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी दोपहर 12 बजे पहुंचेंगे। मुख्य द्वार पर सत्तारूढ़ दल के सभी सचेतक उनका स्वागत करेंगे और फिर उन्हें सदन में लाया जाएगा। उनकी उपस्थिति सदन में राजनीतिक माहौल को और गहरा कर सकती है।
इस तरह बजट सत्र का यह दिन राजनीतिक नाटकीयता और पारदर्शिता दोनों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा। सदन में प्रश्नोत्तर काल, ध्यानाकर्षण सूचनाओं पर जवाब और वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुदान पर वाद-विवाद ने यह दिखाया कि सरकार और विपक्ष दोनों अपने-अपने एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही, विपक्ष का पुतला प्रदर्शन और बीजेपी अध्यक्ष का आगमन इस सत्र में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा रहे हैं।