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Bihar Assembly : शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बीच संसदीय कार्य मंत्री ने प्रोटेम स्पीकर को टोका, जानिए क्या रही वजह; सदन के समय पर भी आया अपडेट

बिहार विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह आज संपन्न हुआ। संसदीय कार्य मंत्री और स्पीकर की सहमति से दोपहर अवकाश तय किया गया।

Bihar Assembly : शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बीच संसदीय कार्य मंत्री ने प्रोटेम स्पीकर को टोका, जानिए क्या रही वजह; सदन के समय पर भी आया अपडेट
Tejpratap
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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में आज नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम विधानसभा सत्र के पहले दिन का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें सभी नए विधायकों ने विधायिका के प्रति अपनी शपथ ली। इस दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला, जब संसदीय कार्य मंत्री ने प्रोटेम स्पीकर के समक्ष दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक के बीच भोजन अवकाश रखने का प्रस्ताव रखा।


संसदीय कार्य मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि इस समय अवधि के दौरान यदि कोई कार्य किया जाना है, तो उसके लिए सभी विधायकों की सहमति जरूरी होगी। यह प्रस्ताव इस दृष्टि से महत्वपूर्ण था कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सभी विधायकों का समुचित रूप से शपथ लेना सुनिश्चित किया जा सके।


प्रोटेम स्पीकर ने इस प्रस्ताव को ध्यान से सुना और सभी विधायकों से राय लेने के बाद कहा कि यह सदन दोपहर 2 बजे तक चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह था कि विधायकों को समय पर भोजन का अवकाश मिल सके, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह के संचालन में कोई बाधा न आए।


हालांकि, इसके कुछ समय बाद, संसदीय कार्य मंत्री ने पुनः सदन में प्रस्ताव रखा कि आज शपथ ग्रहण समारोह है और दोपहर 2 बजे तक सभी विधायकों का शपथ ग्रहण पूरा नहीं हो पाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक सभी विधायकों का शपथ ग्रहण पूरा नहीं हो जाता, तब तक सदन का संचालन जारी रखा जाए। इस प्रस्ताव पर सभी विधायकों से पुनः सहमति ली गई।


इस प्रक्रिया के बाद तय हुआ कि आज ही सभी नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह पूर्ण रूप से संपन्न होगा। विधायकों ने शपथ लेते हुए राज्य की विधायिका और संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संकल्प लिया।


शपथ ग्रहण समारोह के दौरान विधायकों ने न केवल सत्ता पक्ष से बल्कि विपक्ष के नेताओं से भी बधाई संदेश स्वीकार किए। यह दृश्य बिहार विधानसभा के लोकतांत्रिक और सहयोगी माहौल को दर्शाता है। संसदीय कार्य मंत्री और प्रथम स्पीकर के बीच हुई चर्चा ने यह सुनिश्चित किया कि समारोह में कोई व्यवधान न आए और सभी विधायकों को सम्मानपूर्वक शपथ लेने का अवसर मिले। इस अवसर पर विधायकों ने विभिन्न भाषाओं में शपथ ली, जिसमें हिंदी,संस्कृत,मैथली, उर्दू और अंग्रेजी प्रमुख थीं। समारोह का संचालन व्यवस्थित रूप से हुआ और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता के साथ पूरी की गईं।


अंततः, आज के शपथ ग्रहण समारोह ने यह साबित कर दिया कि बिहार विधानसभा में नए विधायकों का स्वागत और उन्हें राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे में शामिल करना कितनी सुव्यवस्थित और सहयोगात्मक प्रक्रिया है। यह कार्यक्रम न केवल नए विधायकों के लिए, बल्कि पूरे विधानसभा और राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षण रहा।

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