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Bihar Assembly : BJP विधायक को जवाब देने में मंत्री के छूटे पसीने, बिहार विधानसभा में पैक्स अध्यक्षों के मुद्दे पर सरकार घिरी

बिहार विधानसभा में पैक्स अध्यक्षों की संपत्ति जब्ती को लेकर विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह ने सवाल किया। मंत्री प्रमोद कुमार जवाब देने में असहज नजर आए और आश्वासन दिया।

Bihar Assembly :  BJP विधायक को जवाब देने में मंत्री के छूटे पसीने, बिहार विधानसभा में पैक्स अध्यक्षों के मुद्दे पर सरकार घिरी
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में गुरुवार को पैक्स अध्यक्षों की निजी संपत्ति जब्त कर धान अधिप्राप्ति कराने के मुद्दे पर सरकार घिरती नजर आई। भाजपा विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह द्वारा उठाए गए सवाल पर सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार स्पष्ट जवाब नहीं दे सके, जिससे सदन में असहज स्थिति बन गई।


दरअसल, कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह ने सरकार से सवाल पूछा कि आखिर किस नियम के तहत पैक्स अध्यक्षों की व्यक्तिगत संपत्ति को जब्त कर धान अधिप्राप्ति का आदेश दिया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से समस्तीपुर जिले के बीजूरपुर पैक्स का उदाहरण देते हुए कहा कि संबंधित पैक्स पर 3 करोड़ 88 लाख 14 हजार 783 रुपये का बकाया बताया जा रहा है। विधायक ने यह भी कहा कि 16 अप्रैल 2015 को इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी, इसके बावजूद धान अधिप्राप्ति का आदेश कैसे जारी कर दिया गया ?


सवाल का जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार के पास ऐसी व्यवस्था है कि यदि किसी पैक्स पर पैसा बकाया रहता है तो जमानत के आधार पर राशि की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए प्रशासक नियुक्त कर धान अधिप्राप्ति करवाई जा सकती है। हालांकि मंत्री का यह जवाब विधायक के सवाल को पूरी तरह स्पष्ट नहीं कर पाया।


मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह ने फिर से सवाल उठाया और कहा कि मंत्री लगातार अमरपुर पैक्स का उदाहरण दे रहे हैं, जबकि उनका सवाल बीजूरपुर पैक्स से संबंधित है। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या कोई ऐसा नियम है, जिसके तहत पैक्स अध्यक्ष की निजी संपत्ति को जब्त कर सरकारी कार्य कराया जा सकता है। उन्होंने सरकार से संबंधित नियम और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने की मांग की ?


इस दौरान मंत्री प्रमोद कुमार सदन में असहज नजर आए और उनके पास विधायक के सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं था। स्थिति यह रही कि मंत्री को सवालों का सामना करने में कठिनाई होती दिखी। अंत में मंत्री ने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला है तो माननीय सदस्य उन्हें लिखित रूप में जानकारी दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई अनियमितता पाई गई तो उचित कार्रवाई भी की जाएगी।


विधानसभा में उठे इस मुद्दे ने पैक्स व्यवस्था और धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष और अन्य विधायकों के बीच भी इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पैक्स अध्यक्षों की निजी संपत्ति जब्त करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं तो उसके लिए स्पष्ट नियम और पारदर्शी प्रक्रिया होना बेहद जरूरी है। फिलहाल मंत्री के आश्वासन के बाद मामला शांत जरूर हुआ, लेकिन यह मुद्दा आने वाले दिनों में फिर से सदन और सियासत में गरमाने की संभावना जताई जा रही है।