1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 11 Feb 2026 10:40:33 AM IST
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Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानमंडल का बजट सत्र इन दिनों राजनीतिक सरगर्मियों और तीखी बहसों के बीच जारी है। सत्र के दौरान अब तक सदन के अंदर और विधानसभा परिसर में काफी शोर-शराबा देखने और सुनने को मिला है। विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। बुधवार को भी सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है। आज भी सदन के अंदर राजनीतिक माहौल गर्म रहने के आसार हैं। खास तौर पर आज का प्रश्नकाल काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े सवाल सदन में उठाए जाने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार प्रश्नकाल के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग तथा श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग से जुड़े मामलों पर चर्चा होगी। इन विभागों के तहत चल रहे विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट खर्च और योजनाओं की जमीनी हकीकत को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। विपक्ष ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है और कई जनहित से जुड़े सवाल उठाए जा सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई व्यवस्था, पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की प्रगति और प्रवासी मजदूरों के कल्याण से जुड़े मुद्दे विपक्ष के निशाने पर रह सकते हैं। विपक्ष यह भी सवाल उठा सकता है कि योजनाओं के लिए आवंटित बजट का कितना हिस्सा सही तरीके से खर्च हुआ और कितनी योजनाएं अब भी अधूरी पड़ी हैं। वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास कार्यों का ब्यौरा देकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।
बताया जा रहा है कि सदन के पहले हाफ में प्रश्नकाल और जरूरी सरकारी कार्यों को निपटाया जाएगा। इसके बाद दूसरे हाफ में बजट और अन्य विधायी कार्यों पर विस्तार से चर्चा होगी। हालांकि, राजनीतिक माहौल को देखते हुए सदन में हंगामे की भी आशंका जताई जा रही है। यदि विपक्ष आक्रामक रुख अपनाता है तो कार्यवाही बाधित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 से जुड़ी अनुपूरक बजट मांगों पर भी सदन में चर्चा होने की संभावना है। विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त बजट की मांग और उसके औचित्य पर विस्तार से बहस होगी। सरकार इन मांगों को लेकर अपना पक्ष रखेगी और बताएगी कि अतिरिक्त बजट किन योजनाओं और परियोजनाओं के लिए जरूरी है। दूसरी ओर विपक्ष इन खर्चों की पारदर्शिता, प्राथमिकताओं और जरूरत को लेकर सवाल खड़े कर सकता है।
अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा और विधायी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी। कुल मिलाकर बिहार विधानमंडल का मौजूदा बजट सत्र सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और अहम नीतिगत चर्चाओं का गवाह बनता नजर आ रहा है। सदन में होने वाली बहसों और फैसलों का असर राज्य की विकास योजनाओं और आगामी वित्तीय नीतियों पर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।