Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा में BJP विधायक का सवाल: पंचायत जनप्रतिनिधियों के मुआवजे पर बढ़ोतरी की है कोई संभावना? जानिए मंत्री दीपक प्रकाश ने क्या दिया जवाब

बिहार विधानसभा में भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने जनप्रतिनिधियों के मृत्युदर मुआवजे बढ़ाने का सवाल उठाया। मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार जल्द ही इस पर विचार करेगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 11 Feb 2026 11:27:58 AM IST

Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा में BJP विधायक का सवाल: पंचायत जनप्रतिनिधियों के मुआवजे पर बढ़ोतरी की है कोई संभावना? जानिए मंत्री दीपक प्रकाश ने क्या दिया जवाब

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Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन भाजपा के विधायक जीवेश मिश्रा ने राज्य सरकार से एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया, जो सीधे जनप्रतिनिधियों और उनके परिवारों के हित से जुड़ा है। उन्होंने पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश से पूछा कि क्या सरकार मृत्युदर या दुर्घटना में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाले मुआवजे की राशि बढ़ाने पर कोई विचार कर रही है।


जीवेश मिश्रा ने सदन में स्पष्ट किया कि वर्तमान में त्रिस्तरीय पंचायत राज के सभी जनप्रतिनिधियों को उनकी सामान्य मौत पर सरकार की ओर से ₹5 लाख का मुआवजा दिया जाता है। उन्होंने कहा, “सरकार ने पहले ही विभागीय संकल्प संख्या 2725/81016 के तहत यह राशि निर्धारित की है। लेकिन अगर किसी जनप्रतिनिधि की दुर्घटना में मृत्यु होती है, तो आम तौर पर 4 से 5 लाख रुपये मुआवजा मिलता है। यह उचित नहीं है क्योंकि एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को, जो जनता का प्रतिनिधित्व करता है और उसके लिए जिम्मेदारी निभाता है, आम व्यक्ति की तुलना में अधिक सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए। इसलिए मेरा सुझाव है कि इस राशि को बढ़ाकर ₹10 लाख किया जाए।”


विधायक जीवेश मिश्रा ने कहा कि यह मामला केवल धन की नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और उनके परिवार की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत राज के तहत काम करने वाले प्रतिनिधियों का योगदान बहुत महत्वपूर्ण होता है, और अगर कोई जनप्रतिनिधि अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए किसी दुर्घटना में अपनी जान गंवा देता है, तो उनके परिवार को पर्याप्त मुआवजा मिलना चाहिए।


इस पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार ने मुआवजे की राशि बढ़ाने का कोई निश्चित निर्णय नहीं लिया है। लेकिन मंत्री ने यह भी कहा कि यह मुद्दा गंभीर है और इसे जल्द ही विचाराधीन किया जाएगा। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि सरकार जल्द ही इस विषय पर समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार संशोधन कर सकती है।


मंत्री के जवाब के बाद विधानसभा में हल्की हलचल देखने को मिली, और विधायक जीवेश मिश्रा ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को उचित सम्मान और सुरक्षा मिले, ताकि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ कर सकें।


राज्य में पंचायत राज के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और उनके परिवारों के हित से जुड़ा यह मामला कई नागरिकों और राजनीतिक दलों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में जब राज्य सरकार विकास और प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, यह मुद्दा जनप्रतिनिधियों के लिए वित्तीय सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है।


वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार मुआवजे की राशि बढ़ाने का निर्णय कब तक लेगी, लेकिन मंत्री दीपक प्रकाश के आश्वासन से यह संकेत मिलता है कि जल्द ही इस पर गंभीर विचार हो सकता है। विधानसभा में उठाए गए इस सवाल ने एक बार फिर यह रेखांकित किया कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा, उनके परिवार की वित्तीय सुरक्षा और उनके योगदान का सम्मान राज्य प्रशासन के लिए प्राथमिकता होना चाहिए।