ब्रेकिंग
दिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाददिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाद

Gandak River Bridge: बिहार से यूपी अब कुछ मिनटों में! 4000 करोड़ का पुल बदल देगा सफर की तस्वीर!

Gandak River Bridge: बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। गंडक नदी पर बनने वाला 10 किलोमीटर लंबा पुल जल्द ही बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को बेहद आसान बना देगा।

NH-727, Bihar-UP Connectivity, Gandak River Bridge, Infrastructure Development in Bihar, Kushinagar Road Project, Rural Road Construction, Farmers Issues in Bridge Project
बिहार-यूपी को जोड़ेगा 10 किमी लंबा पुल
© Google
Nitish Kumar
Nitish Kumar
2 मिनट

Gandak River Bridge: सीमांचल के लोगों के लिए बड़ी सौगात सामने आ रही है। गंडक नदी पर पिपरासी से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के जटहां होते हुए बेलवनिया नेशनल हाईवे तक करीब 20 किलोमीटर लंबी सड़क और लगभग 10 किलोमीटर लंबे पुल के निर्माण की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह पुल बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDC) द्वारा करीब 4000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।


बीएसआरडीसी अधिकारियों ने फाइनल सर्वे पूरा कर लिया है। स्थल निरीक्षण और मार्किंग भी संपन्न हो चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। यह परियोजना नेशनल हाईवे 727 को जोड़ेगी, जिससे बिहार और यूपी के बीच आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।


जहां एक ओर आम लोगों में पुल निर्माण को लेकर उत्साह का माहौल है, वहीं पिपरासी और मधुबनी प्रखंड के किसानों की चिंता भी सामने आ रही है। उनका कहना है कि पुल निर्माण के बाद दियारा क्षेत्र तक पहुंचने का रास्ता कठिन हो सकता है, जिससे खेती प्रभावित होगी। कृषकों प्रेम यादव, शैलेन्द्र मिश्र और कन्हैया कुमार ने सुझाव दिया है कि पुल के बीच में कहीं पर एक वैकल्पिक उतार या मार्ग की व्यवस्था कर दी जाए, जिससे खेतों तक आवागमन में कोई परेशानी न हो।


पुल निर्माण से एक ओर जहां विकास की नई रेखा खिंचेगी और बिहार-यूपी की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं स्थानीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अगर किसानों के सुझावों को अमल में लाए, तो यह परियोजना सभी के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।


संबंधित खबरें