1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Tue, 02 Sep 2025 03:35:03 PM IST
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Bihar Transport: सड़कों पर जो गाड़ियां चल रही हैं, वो फिट हैं ? सर्टिफिकेट फिट का का भले हो, लेकिन वो गाड़ियां फिट नहीं भी हो सकती हैं. क्योंकि ऑटोमेटेड फिटनेस जांच केंद्रों द्वारा फोटो की जांच कर प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे थे. बिहार में यह गोरखधंधा महीनों से जारी था. 1ST Bihar/Jharkhand ने इस मामले का खुलासा किया था. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भी इस संबंध में लगातार शिकायत मिल रही थी. अब जाकर मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लिया है. देश की पांच स्वचालित वाहन जांच केंद्रों पर बड़ी कार्रवाई की गई है, इनमें बिहार के तीन स्वचालित वाहन जांच केंद्र शामिल हैं. सड़क परिवहन मंत्रालय से पत्र मिलने के बाद बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बिहार के तीनों सेंटर्स से गाड़ियों के फिटनेस जांच के लिए बुकिंग पर रोक लगा दी गई है.
पटना-भागलपुर और दरभंगा के फिटनेस जांच केंद्र फिर हुए बंद
सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार ने 1 सितंबर को बिहार के परिवहन मंत्रालय को पत्र भेजा. पत्र के बाद विभाग में खलबली मच गई. बिहार के परिवहन कमिश्नर को भेजे पत्र में पटना, भागलपुर और दरभंगा के स्वचालित वाहन जांच केंद्रों पर तत्काल एक्शन लेने को कहा. इसके बाद तीनों केंद्रों पर वाहन जांच के लिए बुकिंग बंद कर दी गई है. एएफएमएस पोर्टल पर बिहार के तीन स्वचालित जांच केंद्रों का एक्सेस बंद कर दिया गया है. यानि तीनों जांच केंद्रों पर अगले आदेश तक गाड़ियों की जांच कर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता.
देश के पांच एटीएस सेंटर्स पर चला डंडा
परिवहन मंत्रालय ने बिहार के परिवहन कमिश्नर को जो पत्र भेजा है, उसमें उल्लेख किया गया है कि हरिद्धार का एक स्वचालित जांच केंद्र के अलावे बिहार के पटना का गोल्डेन फिटनेस जांच केंद्र, दरभंगा का रविरंजन कुमार राजा स्वचालित वाहन जांच केंद्र, भागलपुर का बी.के. कंस्ट्रक्शन वाहन जांच केंद्र और अजमेर के वाहन जांच केंद्र पर भारी गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने बिहार, राजस्थान और उत्तराखंड के परिवहन कमिश्नर को निर्देशित किया है कि ये पांच स्वचालित वाहन जांच केंद्र नियमों का पालन नहीं करते हुए फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर रहे हैं .
मोर्थ ने जांच कर कार्रवाई के दिए आदेश
सड़क परिवहन मंत्रालय को इन केंद्रों के बारे में कई तरह की शिकायतें और रिपोर्ट्स मिली थी .जिसमें कहा गया था की संबंधित स्वचालित जांच केंद्रों पर गाड़ियां को लाए बिना सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं. साथ ही कई अन्य नियम तोड़े जा रहे हैं . ऐसे में इन केंद्रों का AFMS पोर्टल से Access पर तत्काल रोक लगाई जाए. सड़क परिवहन मंत्रालय ने आगे कहा है की एफएमएस पोर्टल से Access हटाने के साथ ही इन सेंटर्स की जांच कर उचित कार्रवाई करें.
बता दें, बिहार में निजी क्षेत्र में संचालित स्वचालित फिटनेस जांच केंद्रों द्वारा प्रति दिन 100-150 गाड़ियों की जांच कर प्रमाण पत्र निर्गत किए जा रहे थे. उड़ीसा सरकार ने 2024 में ही इस खेल को पकड़ा था. वहां के परिवहन विभाग ने बिहार के स्वचालित फिटनेस जांच केंद्रों पर हो रहे खेल का खुलासा किया था. उड़ीसा के परिवहन कमिश्नर ने इस संबंध में एक रिपोर्ट सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजी थी, जिसमें बिहार के फिटनेस जांच केंद्र और इनके द्वारा बिना गाड़ी आये ही फिटनेस प्रमाण पत्र निर्गत करने की पूरी लिस्ट थी. हालांकि उस पत्र के आलोक में ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दिखावे के लिए जांच भी हुई लेकिन रिजल्ट नहीं निकला था. भागलपुर और पटना में जिला परिवहन पदाधिकारियों ने जांच कराई थी,जिसमें ऑटोमेटेड फिटनेस जांच केंद्रों की पूरी पोल-पट्टी खुल गई थी. जांच में एटीएस का अधिकांश मशीन काम नहीं कर रहा था. जांच टीम ने एटीएस में भारी खामी पकड़ी थी. फिर भी परिवहन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं किया था.