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Bihar News: बिहार में परिवहन विभाग का बड़ा ऐलान! सिपाहियों को मिलेगा ₹3000 भत्ता, नियम तोड़ने वाली बसों पर चला डंडा

बिहार परिवहन विभाग ने चलंत दस्ता सिपाहियों को 3000 रुपये मासिक राशन मनी भत्ता देने का आदेश जारी किया है। वहीं परमिट उल्लंघन करने वाली करीब 60 बसों पर जुर्माना लगाने की तैयारी है।

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Tejpratap
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Bihar News: बिहार में परिवहन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने अपने अधीन कार्यरत चलंत दस्ता (मोबाइल स्क्वॉड) सिपाहियों को प्रतिमाह 3,000 रुपये राशन मनी भत्ता देने का आदेश जारी किया है। यह राशि उनके मासिक वेतन के साथ दी जाएगी। विभाग का मानना है कि फील्ड में लगातार ड्यूटी करने वाले सिपाहियों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।


दूरदराज क्षेत्रों में करते हैं ड्यूटी

परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार चलंत दस्ता सिपाहियों की तैनाती राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, सुदूर ग्रामीण इलाकों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में की जाती है। इनकी मुख्य जिम्मेदारी अवैध वाहन परिचालन पर रोक लगाना, ओवरलोडिंग की जांच करना तथा यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है।


विभाग ने माना है कि कई बार इन सिपाहियों को रात के समय ऐसे स्थानों पर ड्यूटी करनी पड़ती है, जहां भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं होती हैं। इसी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग के 11 अक्टूबर 2017 के संकल्प के आलोक में उन्हें 3,000 रुपये प्रतिमाह राशन मनी भत्ता देने का निर्णय लिया गया है।


किन परिस्थितियों में नहीं मिलेगा भत्ता

विभागीय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह भत्ता सभी परिस्थितियों में देय नहीं होगा। यदि कोई चलंत दस्ता सिपाही लगातार 30 दिनों से अधिक अवधि तक अवकाश, प्रशिक्षण या आधिकारिक भ्रमण पर रहता है, तो उस अवधि के दौरान उसे राशन मनी भत्ते का लाभ नहीं मिलेगा।


अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था केवल उन कर्मियों के लिए लागू होगी जो नियमित रूप से फील्ड में सक्रिय ड्यूटी कर रहे हैं और सड़क परिवहन व्यवस्था की निगरानी में लगे हुए हैं।


परमिट उल्लंघन करने वाली बसों पर सख्ती

इधर परिवहन विभाग ने राज्य में बिना निर्धारित शर्तों का पालन किए बस संचालन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। विभागीय जांच में करीब पांच दर्जन बसों को परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाया गया है। इसके बाद संबंधित जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को इन बसों से जुर्माना वसूलने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।


विभाग के अनुसार कई बसें निर्धारित मार्गों से हटकर परिचालन कर रही थीं, जबकि कुछ मामलों में परमिट की अन्य शर्तों का भी उल्लंघन पाया गया। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि राजस्व की भी क्षति होती है।


इन जिलों की बसें सबसे अधिक चिह्नित

कार्रवाई के लिए चिह्नित बसों में सबसे अधिक संख्या औरंगाबाद जिले की है, जहां 12 बसों पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। इसके बाद गया जिले की 11 बसें, नवादा की 7 बसें, पटना और मुजफ्फरपुर की 4-4 बसें सूची में शामिल हैं।


इसके अलावा लखीसराय, नालंदा और जमुई की 3-3 बसों को भी नियम उल्लंघन के मामले में चिह्नित किया गया है। वहीं राज्य के अन्य कई जिलों की बसों को भी जांच के बाद कार्रवाई के दायरे में लाया गया है।


परिवहन व्यवस्था सुधारने की कोशिश

परिवहन विभाग का कहना है कि एक ओर जहां फील्ड में कार्यरत कर्मियों को बेहतर सुविधाएं देकर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों पर सख्त कार्रवाई भी जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, ओवरलोडिंग रोकना और यात्रियों को सुरक्षित एवं नियमबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।