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बिहार में इस दिन से लागू होगा ट्रांजिट पास शुल्क, दूसरे राज्यों से आने वाले बालू-पत्थर वाहनों पर डिजिटल निगरानी

Bihar News: बिहार सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले बालू, पत्थर और अन्य लघु खनिजों पर ट्रांजिट पास शुल्क लागू करने का निर्णय लिया है। 20 जून से लागू होने वाली इस व्यवस्था से खनिज परिवहन की डिजिटल निगरानी, पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित होगी।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने अन्य राज्यों से आने वाले बालू, पत्थर और अन्य लघु खनिजों के परिवहन को नियंत्रित एवं पारदर्शी बनाने के लिए ट्रांजिट पास शुल्क लागू करने का फैसला किया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। 


नई व्यवस्था 20 जून 2026 से प्रभावी होगी, जबकि ट्रांजिट पास जारी करने की प्रक्रिया 10 जून से शुरू हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले सभी लघु खनिज लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य खनिजों के परिवहन की प्रभावी निगरानी, राजस्व वृद्धि और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है।


प्रति टन और प्रति घनमीटर के हिसाब से लगेगा शुल्क

सरकार के आदेश के अनुसार 20 जून के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले खनिज वाहनों को 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन अथवा 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से ट्रांजिट पास शुल्क का भुगतान करना होगा। बिना ट्रांजिट पास के खनिज परिवहन करने पर संबंधित वाहन और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।


बढ़ते निर्माण कार्यों के बीच निगरानी की जरूरत

खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार बिहार में सड़कों, पुलों और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके चलते पड़ोसी राज्यों सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी मात्रा में बालू, गिट्टी और पत्थर मंगाए जा रहे हैं। अब तक इन खनिजों की आवाजाही की कोई प्रभावी निगरानी व्यवस्था नहीं थी, जिससे वास्तविक आंकड़े जुटाने में कठिनाई होती थी।


डिजिटल रिकॉर्ड और रियल टाइम मॉनिटरिंग

नई प्रणाली के तहत प्रत्येक वाहन को सिस्टम इंटीग्रेटर के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांजिट पास प्राप्त करना होगा। इससे राज्य में प्रवेश करने वाले सभी खनिजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था लागू होने से खनिज परिवहन अधिक व्यवस्थित होगा और उनकी आवाजाही पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सकेगी।


अवैध परिवहन और राजस्व चोरी पर लगेगी रोक

विभाग के अनुसार ट्रांजिट पास प्रणाली लागू होने के बाद एक ही चालान पर कई बार खनिज ढुलाई जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा। साथ ही अवैध परिवहन, अवैध भंडारण और राजस्व चोरी के मामलों को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे विभाग को आयातित खनिजों का सटीक और अद्यतन डाटा उपलब्ध होगा।


मंत्रिपरिषद से मिल चुकी है मंजूरी

यह निर्णय बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली-2019 के नियम-41 के तहत लिया गया है। इस प्रस्ताव को 20 फरवरी 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में पहले ही स्वीकृति मिल चुकी थी। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और राज्य के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता