GAYAJEE: बिहार के गया जिले में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। गुरारू प्रखंड के रौना गांव में दर्जनों महिला और पुरुषों ने जर्जर सड़क पर उतरकर धान की रोपनी कर अपना विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कई दशकों से कच्ची और बदहाल है। बरसात के दिनों में बड़े-बड़े गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से इस रास्ते पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क की समस्या को लेकर वे कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। लगातार अनदेखी से परेशान होकर ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों और जलजमाव के बीच धान की रोपनी कर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
सड़क पर बने गड्ढों में भरा रहता है पानी और कीचड़
मामला गुरारू प्रखंड के रौना गांव के वार्ड संख्या-4 का है। ग्रामीणों के अनुसार, स्टेट हाईवे-69 की मुख्य सड़क से रौना गांव तक जाने वाला करीब एक किलोमीटर लंबा रास्ता लंबे समय से जर्जर है। सड़क पूरी तरह कच्ची है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं।
बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। ग्रामीणों का दावा है कि इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों लोग पैदल और बाइक से आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने के कारण आए दिन लोग गिरकर घायल भी होते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता कई गांवों और बाजारों को जोड़ता है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर बड़ी आबादी पर पड़ रहा है। गांव में करीब 400 से 500 घर हैं और बड़ी संख्या में लोग रोजाना इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
बच्चों को स्कूल जाने में होती है परेशानी
ग्रामीण अंजुमन ने बताया कि सड़क की बदहाली से बच्चों को भी काफी परेशानी होती है। बरसात में बच्चे कीचड़, गंदे पानी और गड्ढों के बीच से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं।उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति रोजमर्रा की जिंदगी के लिए बड़ी समस्या बन गई है। यहां तक कि गांव में किसी व्यक्ति की मौत होने पर शव को श्मशान घाट तक ले जाने में भी लोगों को काफी परेशानी होती है।
ग्रामीण बोले- दशकों से नहीं हुआ स्थायी समाधान
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की समस्या कोई नई नहीं है। वे लंबे समय से इसके निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसी वजह से लोगों का आक्रोश बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने सड़क पर धान की रोपनी कर अनोखे तरीके से विरोध जताया।
पूर्व जिला परिषद प्रत्याशी अवधेश पासवान ने कहा कि रौना गांव की सड़क की समस्या दशकों पुरानी है। स्टेट हाईवे से गांव को जोड़ने वाला यह रास्ता पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बारिश के दिनों में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे दलदल जैसी स्थिति बन जाती है।
उन्होंने कहा कि सड़क का स्थायी समाधान जरूरी है। सड़क निर्माण के साथ-साथ जल निकासी के लिए नाली का निर्माण भी किया जाना चाहिए, ताकि बरसात में पानी जमा न हो और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न उठानी पड़े।फिलहाल ग्रामीणों के सड़क पर धान की रोपनी कर विरोध जताने का वीडियो और तस्वीरें चर्चा में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क का निर्माण कराने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
गया जी से नितम राज की रिपोर्ट








