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1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sat, 30 Aug 2025 06:32:50 PM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Traffic Challan: सड़क दुर्घटना की सबसे प्रमुख कारणों में ओवर स्पीडिंग और नियमों की अनदेखी करना है। ट्रैफिक पुलिस के स्तर से की गई सघन जांच और बेतरतीब तरीके से वाहन चलाने वालों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। सिर्फ राज्य में मौजूद सभी राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर इस वर्ष जनवरी से जुलाई तक यानी सिर्फ 7 महीने में नियमों की अनदेखी कर बेतरतीब तरीके से वाहन चलाने वाले 1 लाख 73 हजार 143 लोगों के चालान कटे।
जिससे 26 करोड़ 27 लाख रुपये जुर्माना के तौर पर वसूला गया। इसमें सबसे ज्यादा ओवरस्पीडिंग या निर्धारित गति से अधिक स्पीड पर वाहन चलाने की वजह से चालान काटे गए हैं। इसके अलावा सीट बेल्ट नहीं लगाने, गलत ओवरटेकिंग करने समेत ऐसे अन्य सड़क से जुड़े नियमों का पालन सही तरीके से नहीं करने की वजह से जुर्माना देना पड़ा है। इन्हीं लापरवाहियों की वजह से सड़क हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
प्रमुख सड़कों खासकर एनएच पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में एडीजी (यातायात) सुधांशु कुमार का कहना है कि वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 50 फीसदी तक की कमी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे लेकर कई स्तर पर सुधारात्मक प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं।
तीन हजार किमी से अधिक लंबे एनएच पर पेट्रोलिंग करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त पेट्रोलिंग वाहनों की तैनाती की गई है। इन पेट्रोलिंग वाहनों की मदद से ओवर स्पीडिंग वाले वाहनों की गति जांच करके चालाना काटने से लेकर अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। ताकि एनएच पर दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिले।
एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि इन पेट्रोलिंग वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजेशनिंग सिस्टम) लगाए जा रहे हैं, जिससे यह पता चल सके कि कौन से वाहन किस इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। अपनी सीमा से बाहर जाने वाले वाहनों को उचित निर्देश दिए जा सकें। जरूरत पड़ने पर ऐसे वाहनों को पटना मुख्यालय स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से कमांड भेजकर बंद किया जा सके। जल्द ही ऐसे 58 और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन इस खेमे में शामिल होने जा रहे हैं।
इससे पूरे एनएच पर पेट्रोलिंग करने में काफी सहूलियत होगी। हर वाहन को पेट्रोलिंग करने के लिए एक निश्चित दूरी निर्धारित कर दी जाएगी, जिसका किसी को उल्लंघन नहीं करना होगा। इससे ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ अधिक संख्या में कार्रवाई हो सकेगी।