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Bihar Teacher News: गुरूजी को मिला बड़ा टास्क, ACS एस. सिद्धार्थ ने लाउडस्पीकर से हर दिन यह बजाने को कहा, 'बाल-नाखून' समेत 17 तरह के दिए निर्देश

बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों के अनुशासन की हालत चिंताजनक है. शिक्षा विभाग के एसीएस ने 17 निर्देश दिए हैं. सभी प्रधानाध्यापकों को हिदायत दी गई है कि बच्चों हर हाल में समय से स्कूल पहुंचें.

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ACS एस.सिद्धार्थ की तस्वीर
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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने की सारी कोशिश विफल साबित हो रही है. समय पर बच्चे स्कूल पहुंचे और समय के साथ घर जाएं, ऐसी व्यवस्था बनाने की सारी कोशिश धरी की धरी रह जा रही है.  शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ के निरीक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है कि बच्चे समय के बाद स्कूल पहुंचते हैं और समय से पहले ही घऱ प्रस्थान कर जाते हैं.

हेड टीचर के नियंत्रण से बाहर हैं बच्चे- एसीएस

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने आज सभी जिला शिक्षा पदाधिकारिय़ों और कार्यक्रम पदाधिकारी को पत्र लिखा है . इसके साथ ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से लेकर सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक को विद्यालय परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों की अनिवार्यता एवं अनुशासन बनाए रखने को कहा है. शिक्षा विभाग के एसीएस ने कहा है कि विद्यालय के बच्चे प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों के नियंत्रण में नहीं हैं. यही वजह है कि बच्चे 9:30 बजे से 10:30 बजे तक विद्यालय जा रहे हैं, रास्ते में अन्य गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं . यह भी देखा गया है कि बच्चे 2:30 बजे ही विद्यालय छोड़कर अपने घर जा रहे. पिछले दो दिनों के क्षेत्र भ्रमण में यह पोल खुली है. ऐसे में विद्यालय परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों की अनिवार्यता एवं अनुशासन बनाए रखने की जरूरत है . एस सिद्धार्थ ने इस संबंध में 17 बिंदुओं पर दिशा निर्देश दिया है .

तत्काल लाउडस्पीकर खरीदें

अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि सभी विद्यालय में अच्छी गुणवत्ता के लाउडस्पीकर की उपलब्धता हो . 48 घंटे में लाउडस्पीकर क्रय करना सुनिश्चित करें.  विद्यालय शुरू होने के 15 मिनट पहले प्रधानाध्यापक लाउडस्पीकर से बच्चों को विद्यालय आने के लिए सुनो घंटी बजी... स्कूल की ओर चलो, स्कूल तुमको पुकारे.  2 मिनट के अंतराल पर दो बार यब बजाएं, ताकि बच्चे निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचे और चेतना सत्र में उपस्थित हों. चेतना सत्र शुरू होने के पहले विद्यालय का मुख्य द्वार बंद करें ,जो विद्यालय विलंब से आए आएं उन्हें बताएं कि दूसरे दिन लेट आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा. अभिभावक को भी इस बारे में जानकारी दें .

नाखून-बाल-साफ सुथरा पोशाक को देखें

विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकों की सामूहिक जिम्मेदारी होगी की चेतना सत्र में सभी बच्चों के नाखून, सुसज्जित बाल, साफ सुथरा पोशाक, स्नान करके आना, इसको देखें और आवश्यक निर्देश दें.

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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता

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