1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 26, 2026, 9:13:21 AM
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Bihar Teacher News : बिहार में शिक्षकों से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है, जो हजारों शिक्षकों के लिए राहत और नई शुरुआत लेकर आई है। राज्य में साक्षमता परीक्षा (तीन और चार) पास करने वाले निकाय शिक्षकों को अब विशिष्ट शिक्षक के रूप में स्कूलों में पदस्थापित किया जाएगा। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा के निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
निर्देश के अनुसार, साक्षमता परीक्षा-3 और साक्षमता परीक्षा-4 पास करने वाले शिक्षक 1 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 के बीच अपने-अपने विद्यालयों में योगदान (जॉइनिंग) देंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
जानकारी के मुताबिक, साक्षमता परीक्षा-3 का परिणाम 4 सितंबर 2025 को जारी किया गया था, जबकि साक्षमता परीक्षा-4 का रिजल्ट 20 दिसंबर 2025 को प्रकाशित हुआ था। साक्षमता परीक्षा-3 में कुल 24,436 शिक्षक शामिल हुए थे, जिनमें से 7,893 शिक्षक सफल घोषित किए गए। वहीं साक्षमता परीक्षा-4 में 14,936 शिक्षकों ने परीक्षा दी थी, जिसमें 4,932 शिक्षक पास हुए।
इन सफल शिक्षकों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया 6 फरवरी से 11 फरवरी 2026 तक आयोजित की गई थी। काउंसलिंग के दौरान शिक्षकों को उनकी योग्यता और उपलब्ध पदों के आधार पर विद्यालयों का चयन कराया गया। इसके बाद पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए 20 मार्च 2026 को आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से नियुक्ति पत्र जारी किए गए।
इसके अलावा जिला स्तर पर भी नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। 26 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच जिला शिक्षा कार्यालयों द्वारा संबंधित शिक्षकों को विद्यालय आवंटन, प्रतिस्थापन पत्र (Posting Letter) और योगदान पत्र (Joining Letter) उपलब्ध कराए जाएंगे। इन दस्तावेजों को प्राप्त करने के बाद ही शिक्षक अपने निर्धारित विद्यालय में योगदान दे सकेंगे।
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, सभी जिलों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जॉइनिंग प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी हो। किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को काफी हद तक दूर करने की उम्मीद है। साथ ही, योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
बिहार सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। अब सभी की नजर 1 अप्रैल से शुरू होने वाली जॉइनिंग प्रक्रिया पर है, जिससे हजारों शिक्षकों के करियर को नई दिशा मिलने वाली है।