Bihar News: बिहार सरकार की ‘मेडल लाओ-नौकरी पाओ’ नीति का असर अब खेल के मैदानों में साफ दिखाई देने लगा है। कभी खेलों में पिछड़े माने जाने वाले बिहार के बच्चे अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का दम दिखा रहे हैं। खासकर पूर्वी भारत में लोकप्रिय पारंपरिक खेल ‘थांग-ता’ में मोतिहारी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है।
मोतिहारी के खेल भवन में आयोजित एक सम्मान समारोह में स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार ने उन खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिन्होंने थांग-ता खेल में नेशनल लेवल पर हिस्सा लेकर गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
बताया जाता है कि थांग-ता मणिपुर का पारंपरिक मार्शल आर्ट खेल है, जो पूर्वोत्तर भारत में काफी लोकप्रिय है। लेकिन अब बिहार के युवा भी इस खेल में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। खास बात यह है कि मोतिहारी के खिलाड़ियों ने महज तीन वर्षों के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
सम्मान समारोह के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य इंटरनेशनल स्तर पर खेलकर भारत का नाम रोशन करना है। वहीं अभिभावकों और कोच का कहना है कि सरकार की खेल नीति और खिलाड़ियों को मिलने वाले प्रोत्साहन का सकारात्मक असर अब मैदान में दिखने लगा है।
विधायक प्रमोद कुमार ने खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि बिहार के बच्चे अब किसी से कम नहीं हैं। सही मार्गदर्शन और मेहनत के दम पर वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।



