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Bihar Teacher: एक लापरवाही 20 जिलों के DEO पर पड़ी भारी, शिक्षा विभाग ने दिया 72 घंटों की मोहलत

Bihar Teacher: बिहार शिक्षा विभाग ने लापरवाही बरतने वाले 20 जिला शिक्षा पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इन्हें तीन दिनों के अंदर अपनी गलती का जवाब देने को कहा गया है।

Bihar Teacher
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Tejpratap
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Bihar Teacher : बिहार शिक्षा विभाग इन दिनों लापरवाही बरतने वाले शिक्षक और जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। कुछ दिन पहले ही 3 डीइओ को निलंबित किया गया था। इसी कड़ी में 20 और डीइओ के खिलाफ एक्शन लिया गया है। सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले छात्र- छात्राओं के ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री कार्ड बनवाने यानी यू-डायस प्लस पर विद्यार्थियों के आंकड़ों की प्रविष्टि के कारण शिक्षा विभाग ने 20 जिलों के डीइओ से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके लिए सभी को 72 घंटे का समय दिया गया है। 


दरअसल, कार्य में शिथिलता बरतने के आरोप में 20 जिले के डीईओ से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह मामला यू-डायस प्लस पर विद्यार्थियों के आंकड़ों की प्रविष्टि का है। इसको लेकर  28 जनवरी को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने यू-डायस पर प्रविष्टि की समीक्षा की थी।इस समीक्षा में पाया गया कि अररिया, औरंगाबाद, नालंदा, कटिहार, गया, भोजपुर, शेखपुरा, पूर्णिया, गोपालगंज, पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, रोहतास, अरवल, किशनगंज, और जहानाबाद में यू-डायस पर एंट्री की स्थिति राज्य औसत (90.20%) से कम है।


इतना ही नहीं अररिया, कटिहार, गया, पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, नवादा और मधुबनी में 5-5 हजार से अधिक छात्रों के आंकड़े नहीं डाले गए हैं। इसके साथ ही साथ अररिया, कटिहार, किशनगंज, समस्तीपुर, नवादा, पू. चंपारण, पटना, और मधुबनी में प्रोग्रेशन कार्य 40 से अधिक स्कूलों ने नहीं किया है। अब इसी मामले में राज्य परियोजना निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना योगेन्द्र सिंह ने स्पष्टीकरण मांगा है।