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Bihar News : बाढ़ से पहले बिहार सरकार का बड़ा एक्शन! 45 हजार पुल-पुलियों की होगी जांच, उत्तर बिहार में हाई अलर्ट

बिहार में मानसून और संभावित बाढ़ को लेकर सरकार अलर्ट मोड में है। ग्रामीण कार्य विभाग ने राज्यभर के 45 हजार पुल-पुलियों की जांच के आदेश दिए हैं ताकि बारिश में जलजमाव और हादसों से बचा जा सके।

Bihar News : बाढ़ से पहले बिहार सरकार का बड़ा एक्शन! 45 हजार पुल-पुलियों की होगी जांच, उत्तर बिहार में हाई अलर्ट
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar News : बिहार में आने वाले मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बने पुल-पुलियों की निगरानी को लेकर बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीण कार्य विभाग ने राज्यभर के करीब 45 हजार ग्रामीण पुल-पुलियों की विशेष जांच कराने का निर्देश सभी कार्यपालक अभियंताओं को दिया है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बरसात के दौरान किसी भी पुल या पुलिया में तकनीकी खराबी न आए और जलनिकासी बाधित होने से आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न न हो।


विभागीय अधिकारियों के अनुसार बारिश के मौसम में पुल-पुलियों के आसपास पानी जमा होने की आशंका बढ़ जाती है। कई बार अत्यधिक दबाव के कारण पुलों को नुकसान पहुंचता है, जबकि कुछ जगहों पर पानी पुल के ऊपर से बहने लगता है। इससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है और सरकारी संपत्ति को भी खतरा पैदा हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण कार्य विभाग ने मानसून से पहले सभी पुल-पुलियों की व्यापक जांच का फैसला लिया है।


जांच अभियान के तहत अभियंता पुलों के गर्डर, स्लैब, पिलर, ज्वाइंट और जल निकासी प्रणाली की स्थिति का निरीक्षण करेंगे। जहां कहीं भी गाद, मिट्टी या अन्य अवरोध मिलने की संभावना होगी, वहां तत्काल सफाई कराई जाएगी। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पुलों से पानी की निकासी पूरी तरह निर्बाध रहनी चाहिए ताकि बारिश के समय अतिरिक्त दबाव न बने। जांच पूरी होने के बाद संबंधित रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अगले एक महीने के भीतर अपलोड करनी होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मानसून से पहले सभी संरचनाओं की स्थिति का आकलन कर लिया गया है।


ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री सुनील कुमार ने पदभार संभालने के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी मानसून से पहले सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुरक्षित बनाए रखना विभाग की प्राथमिकता है।


विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उत्तर बिहार के जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि इन इलाकों में बाढ़ का खतरा सबसे अधिक रहता है। उत्तर बिहार में ग्रामीण पुल-पुलियों की संख्या भी ज्यादा है। ऐसे में वहां अतिरिक्त निगरानी और समय पर रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन पुलों का निर्माण हाल के वर्षों में निजी निर्माण कंपनियों द्वारा किया गया है, उनकी साफ-सफाई और देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों को सौंपी गई है। वहीं पुराने पुल-पुलियों की निगरानी और मरम्मत कार्य कार्यपालक अभियंता अपने स्तर से कराएंगे। यदि कहीं मरम्मत की जरूरत पाई जाती है तो उसे तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।


गौरतलब है कि बिहार में करीब एक लाख 19 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़क नेटवर्क मौजूद है, जिन पर आवश्यकता के अनुसार बड़ी संख्या में पुल-पुलियों का निर्माण किया गया है। विभाग के अनुसार वर्तमान में बनाए जा रहे नए पुल सात मीटर चौड़े बनाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में बढ़ते यातायात और जलप्रवाह के दबाव को आसानी से संभाला जा सके। सरकार का मानना है कि समय रहते निगरानी और मरम्मत कार्य पूरा कर लेने से मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बाधित होने की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी।