Bihar Road News: बिहार में इंजीनियरों की कमी की वजह से सड़क निर्माण में लापरवाही,देरी होती है. इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ता है. सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना है. इसके तहत गांव-गांव में पक्की सड़क का निर्माण कराया जाता है. हालात ऐसे हैं कि लापरवही की वजह से योजना समय से पूर्ण नहीं होतीं. इसी तरह के एक मामले में ग्रामीण कार्य विभाग पालीगंज प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है.
तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल पालीगंज रविशंकर कुमार के विरुद्ध MMGSY (SC) योजना के तहत Kamlesh Sharma House Via Satyendra Paswan House to T06 Bhaya Thakuri तक पथ का निर्माण कार्य ससमय पूर्ण नहीं कराने संबंधी आरोप हैं. इस पर आरोप पत्र गठित कर 27 जनवरी 2026 को उनसे लिखित अभिकथन की मांग की गई थी.
आरोपी कार्यपालक अभियंता रविशंकर कुमार ने 09 फरवरी 2026 को अपना बचाव बयान दिया. समीक्षोपरान्त पाया गया कि कार्य समाप्ति की निर्धारित तिथि 09 अप्रैल 2022 थी. पथ में कराया गया अंतिम कार्य की एमबी० में दर्ज करने की तिथि 22 मई 2022, एवं एकरारनामा विखंडन की तिथि 30 अक्टूबर 2023 है. रविशंकर कुमार के द्वारा इस संबंध में संवेदक के साथ किए गए सभी पत्राचार 13, जून 2023 के बाद का है। ऐसे में स्पष्ट है कि तत्कालीन कार्यपालक अभियंता रविशंकर द्वारा पथ निर्माण कार्य पूर्ण कराने हेतु ससमय कार्रवाई नहीं की गयी।
मामले की समग्र समीक्षा के बाद अभियंता रविशंकर कुमार के लिखित अभिकथन को अस्वीकृत करते हुए उनके विरुद्ध गठित आरोप पत्र के आलोक में अनुशासनिक कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है। मनोज कुमार, विशेष सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा श्रुति सिन्हा, सहायक अभियंता, मुख्य अभियंता-निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण का कार्यालय, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
रविशंकर कुमार, तदेन कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल पालीगंज सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, जाँच एवं गुणवता नियंत्रण प्रमंडल सीतामढ़ी से अपेक्षा की गई है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखें.





