सड़क पर गड्ढा दिखे तो QR कोड स्कैन करें, तुरंत होगा एक्शन, नीतीश सरकार की नई पहल

QR कोड स्कैन करने पर नागरिक संबंधित सड़क की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और सड़क पर गड्ढे, टूट-फूट या अन्य खामियों की तस्वीरें खींचकर फीडबैक विंडो के माध्यम से अपलोड कर सकेंगे। यह फीडबैक सीधे विभागीय प्रणाली में दर्ज होगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 23, 2025, 9:03:06 PM

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- फ़ोटो social media

PATNA: बिहार में अब खराब सड़कों को लेकर आम लोग सीधे विभाग तक शिकायत दर्ज करा सकेंगे। नीतीश सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़कों के रख-रखाव को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू किया है।


ग्रामीण कार्य विभाग ने इस संबंध में सभी कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के अनुसार, ई-मार्ग (eMARG) पोर्टल से जनरेट किए गए QR कोड को सड़क किनारे लगे रख-रखाव सूचना बोर्ड पर अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा।


QR कोड स्कैन करने पर नागरिक संबंधित सड़क की पूरी जानकारी देख सकेंगे और सड़क पर गड्ढे, टूटे-फूटे सड़क या अन्य खामियों की तस्वीरें खींचकर फीडबैक विंडो के माध्यम से अपलोड कर सकेंगे। यह फीडबैक सीधे विभागीय प्रणाली में दर्ज होगा। फिलहाल यह व्यवस्था बिहार के सीवान, सुपौल, जमुई, गया और मुंगेर जिलों में शुरू की गई है। जल्द ही इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।


ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख सह विशेष सचिव इंजीनियर निर्मल कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पीएमजीएसवाई सड़कों के रख-रखाव को तकनीक-सक्षम बनाना है। नागरिकों द्वारा भेजी गई तस्वीरों और फीडबैक को नियमित निरीक्षण (RI) से जोड़ा जाएगा।


इन तस्वीरों का विश्लेषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीक के माध्यम से किया जाएगा, जिससे इंजीनियरिंग स्टाफ के प्रदर्शन मूल्यांकन में भी मदद मिलेगी। इसके आधार पर संबंधित अभियंता समयबद्ध रूप से सड़क मरम्मत और रख-रखाव से जुड़े निर्णय ले सकेंगे। इस नई व्यवस्था से सड़क से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा और आम जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।