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Bihar News: रेरा बिहार का नया कदम, रजिस्टर्ड रियल एस्टेट एजेंट्स को मिलेगा QR कोड; पारदर्शिता होगी सुनिश्चित

Bihar News: बिहार रेरा ने रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी पंजीकृत एजेंटों को QR कोड जारी किया है। अब एजेंटों को अपने रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र के साथ यह QR कोड भी कार्यालय और प्रचार सामग्री में दिखाना अनिवार्य होगा।

Bihar News
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मज़बूत करने के लिए भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा), बिहार ने एक अहम निर्णय लिया है। अब से सभी रजिस्टर्ड रियल एस्टेट एजेंट्स को QR कोड प्रदान किया जाएगा, जिसकी मदद से कोई भी व्यक्ति उनके पंजीकरण और अन्य विवरण की जानकारी मोबाइल से स्कैन कर तुरंत प्राप्त कर सकता है।


इस व्यवस्था को सोमवार से लागू कर दिया गया है। पहले यह सुविधा केवल पंजीकृत प्रोजेक्ट्स के लिए थी, लेकिन अब यह सभी पंजीकृत एजेंट्स को भी उपलब्ध कराई जाएगी। सभी एजेंट्स को अपने कार्यालय में अपने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के साथ-साथ यह QR कोड भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। प्रचार-प्रसार में भी उन्हें अपनी पंजीकरण संख्या के साथ इस QR कोड को अनिवार्य रूप से दिखाना होगा।


इस नई व्यवस्था के शुभारंभ पर रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता को बढ़ाना है ताकि ग्राहक यह जान सकें कि संबंधित एजेंट रेरा से पंजीकृत है या नहीं। साथ ही, कोई भी एजेंट केवल रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में ही बिक्री गतिविधियों में शामिल हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई एजेंट रेरा के नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


हाल ही में रेरा बिहार और सारण जिला प्रशासन द्वारा किए गए संयुक्त सर्वे में पाया गया कि कुछ पंजीकृत एजेंट गैरकानूनी रूप से स्वयं की प्लॉटेड डेवलपमेंट परियोजनाएं बनाकर जमीन की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। यह रेरा अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है। प्राधिकरण ने ऐसे मामलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज करने का निर्णय लिया है, क्योंकि यह आम नागरिकों को ठगने का प्रयास भी है। प्राधिकरण ने आम लोगों से अपील की है कि वे रेरा अधिनियम के बारे में जागरूक बनें और फ्लैट, दुकान या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित परियोजना और एजेंट की पंजीकरण संख्या की जांच अवश्य करें।


प्रोजेक्ट का पंजीकरण प्रमोटर कराते हैं, ताकि वे फ्लैट, दुकान या प्लॉट बेच सकें। इनकी पंजीकरण संख्या BRERAP से शुरू होती है। एजेंट का कार्य केवल रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में बिक्री करवाने तक सीमित है, और उनकी पंजीकरण संख्या BRERAA से शुरू होती है। एजेंट अपनी कोई परियोजना नहीं बना सकते। इस तरह की पहल राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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