Patna News: बिहार प्राइवेट नर्सिंग इंस्टीट्यूट के पदाधिकारियों ने नर्सिंग पाठ्यक्रम और संस्थानों की मान्यता को लेकर महत्वपूर्ण दावा किया है। संगठन का कहना है कि नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता देने का अधिकार इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के बजाय राज्य सरकार और स्टेट नर्सिंग काउंसिल के पास है।
संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारें नर्सिंग एवं मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। संगठन के मुताबिक, नर्सिंग शिक्षा और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की मान्यता राज्य सरकार एवं संबंधित स्टेट नर्सिंग काउंसिल द्वारा प्रदान की जाती है। नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता हेतु, इंडियन नर्सिंग काउंसिल संवैधानिक नियामक नहीं है। विदित हो कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा नर्सिंग एवं मेडिकल शिक्षा के विस्तार हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
नर्सिंग शिक्षा एवं पारामेडिकल की मान्यता राज्य सरकार एवं स्टेट नर्सिंग काउंसिल के द्वारा प्रदान की जाती है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल, नई दिल्ली के उत्तर-दायित्व एवं इस संबंध में बिहार सरकार एवं उच्च न्यायालय का भी निर्णय है जो सबसे प्रचलित निर्णय है। कर्नाटका स्टेट हेल्थ एसोसिएशन एवं इंडियन नर्सिंग काउंसिल 2017 का निर्णय है।
इसके साथ हीं प्राइवेट नर्सिंग स्कूल एंड कालेज मैनेजमेंट एसोसिएशन का 2019 का भी निर्णय है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से यह निर्णय दिया है कि नर्सिंग में डिप्लोमा एवं डिग्री की मान्यता देने का अधिकार राज्य सरकार एवं स्टेट नर्सिंग काउंसिल को हीं है। इस आलोक में इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने भी 15 अक्तूबर 2020 को एक पत्र निर्गत किया है।
आई एन सी ने भी माननीय उच्च न्यायालय कर्नाटका के द्वारा दिनांक 24 जुलाई 2017 को WP 25355-57/2017 में दिये गए न्यायिक निर्णय के आलोक में यह स्पष्ट पत्र निर्गत किया है कि, आई एन सी नर्सिंग संस्थान को मान्यता देने का अधिकार नहीं रखती है, यह अधिकार राज्य सरकार एवं स्टेट नर्सिंग काउंसिल को है। यह पत्र आई एन सी के वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है। इस संबंध में बिहार प्राइवेट नर्सिंग इंस्टीट्यूट के पदाधिकारियों ने सयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी किया। इसकी जानकारी अध्यक्ष डा कौशल कुमार गिरि एवं अन्य ने दिया।





