BIHAR NEWS : पूर्णिया पुलिस का बड़ा खुलासा: भारत फाइनेंस कर्मी ने खुद रच दी लूट की साजिश Bihar Politics: कटिहार में NDA का कार्यकर्ता सम्मेलन, राहुल-तेजस्वी पर खूब बरसे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी AISA CUP 2025 : एशिया कप में बदल गए भारत-पाक मैच का टाइमिंग, अब इतने बजे होगा टॉस GST Reforms: टैक्स काउंसिल के बाद कितनी सस्ती हो जाएंगी टू-व्हीलर्स? जानिए... पूरी खबर Patna News: म्यांमार में बंधक बनाए गए पटना के युवक की सकुशल वापसी, बिहार पुलिस और भारतीय दूतावास ने निभाया अहम रोल Patna News: म्यांमार में बंधक बनाए गए पटना के युवक की सकुशल वापसी, बिहार पुलिस और भारतीय दूतावास ने निभाया अहम रोल Rahul dravid : राहुल द्रविड़ ने राजस्थान को कहा 'टाटा-बाय-बाय', एक ही सीजन के बाद छोड़ी जिम्मेदारी सीतामढ़ी में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के तुरंत बाद बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने किया रोड शो ODI Centuries: टेस्ट से ज्यादा वनडे में शतक जड़ने वाले दिग्गज, 4 कर चुके हैं टीम इंडिया की कप्तानी Train Accident : बिहार में बड़ा रेल हादसा ! यार्ड में पटरी से उतरी ट्रेन, घंटों रुका रेल परिचालन
1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 30 Aug 2025 09:38:58 AM IST
बिहार ट्रैफिक रुल - फ़ोटो
Bihar Traffic Rules: बिहार में लगातार हो रहे सड़क हादसों के मद्देनज़र राज्य पुलिस ने अब ओवरलोडिंग और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि अब यदि किसी वाहन में ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना होती है, तो वाहन चालक के साथ-साथ मालिक पर भी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा, जिसमें न्यूनतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब ओवरलोडिंग को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। यदि ओवरलोडिंग के कारण कोई हादसा होता है, तो यह गंभीर आपराधिक मामला माना जाएगा। इस तरह के मामलों में पुलिस सीधे BNS की धारा 105, जो जानबूझकर लापरवाही से जनहानि करने से संबंधित है, के तहत केस दर्ज करेगी। इस धारा के अंतर्गत 10 वर्ष की जेल तक की सज़ा और अन्य सख्त दंड दिए जा सकते हैं।
हादसों के पीछे ओवरलोडिंग की बड़ी भूमिका
हाल के महीनों में बिहार में हुए कई बड़े हादसे ओवरलोडिंग की वजह से हुए हैं।
23 फरवरी, मसौढ़ी: ऑटो में क्षमता से अधिक सवारी होने के कारण दुर्घटना में 7 लोगों की मौत।
29 मई, डुमरिया: हादसे में 4 लोगों की जान गई।
31 जुलाई, आदर्श नगर: 3 लोगों की मौत हुई।
23 अगस्त, दनियावां-शाहजहांपुर: 9 महिलाओं की जान गई जब ऑटो अनियंत्रित होकर टकरा गया।
इन सभी घटनाओं में क्षमता से अधिक सवारी होने के कारण वाहन संतुलन खो बैठा और जानलेवा हादसे हुए। इन मामलों की जांच जारी है और दोषियों पर जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एडीजी ने कहा कि हाल ही में जहानाबाद में एक स्कूल बस से गिरने के कारण एक बच्चे की मौत हुई, क्योंकि बस की बॉडी में छेद था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। दोषियों पर आपराधिक धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुधांशु कुमार ने यह भी कहा कि यदि कोई नाबालिग ऑटो, टेम्पो, ई-रिक्शा या अन्य वाहन चलाते पकड़ा जाता है तो उस पर कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही, उसके माता-पिता और वाहन मालिक की भी जवाबदेही तय की जाएगी। इसके अलावा, मालवाहक ऑटो में सवारी ढोने पर अब पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल ले जाने पर पहले से ही रोक है, जिसे अब और सख्ती से लागू किया जाएगा।
एडीजी ट्रैफिक ने कहा कि पटना शहर में ऑटो और टुकटुक के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए अब सभी चौराहों के 50 मीटर पहले या बाद में ही ऑटो खड़े किए जा सकेंगे। मनमाने ढंग से ऑटो खड़ा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ट्रैफिक पुलिस ऑटो चालकों और वाहन मालिकों को समझा रही है, लेकिन यदि वे नियम नहीं मानते हैं, तो जल्द ही कड़ाई से चालान और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
ट्रैफिक विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे ओवरलोडिंग वाहनों में यात्रा न करें, और अगर कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, तो उसकी सूचना पुलिस को दें। एडीजी ने यह भी कहा कि अब स्कूल स्तर पर ही ट्रैफिक शिक्षा दी जाएगी, ताकि बच्चे कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के महत्व को समझें।
राज्य में चल रही तकनीकी रूप से असुरक्षित (अनफिट) बसों पर भी कार्रवाई होगी। ट्रैफिक विभाग द्वारा ऐसी बसों की जांच कराई जाएगी, और जिनकी हालत ठीक नहीं होगी उन्हें सड़क से हटाया जाएगा एडीजी ने कहा, “सड़क पर केवल सुरक्षित वाहन ही चलेंगे। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
बिहार पुलिस अब सड़क सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम कर रही है। चाहे वह ओवरलोडिंग हो, नाबालिग चालक हों, अनफिट वाहन हों या स्कूल बसों की लापरवाही हर मामले में अब कानून सख्ती से लागू किया जाएगा। जनता को भी चाहिए कि नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।