Bihar Panchayat Election : बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, फर्जी मतदान रोकने के लिए शुरू होगा यह काम; कई पंचायतों से ट्रांसफ़र होंगे कर्मी; लिस्ट हो रही तैयार

बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार फर्जी मतदान रोकने के लिए बूथों पर फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सरकार भवन निर्माण और आरक्षण व्यवस्था पर भी काम कर रही है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 11 Jan 2026 10:43:00 AM IST

Bihar Panchayat Election : बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, फर्जी मतदान रोकने के लिए शुरू होगा यह काम; कई पंचायतों से ट्रांसफ़र होंगे कर्मी; लिस्ट हो रही तैयार

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Bihar Panchayat Election : बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार चुनाव प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने फर्जी मतदाताओं और दोबारा मतदान की कोशिशों पर रोक लगाने के लिए तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है। पंचायत चुनाव के दौरान प्रत्येक बूथ पर फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे मतदान के समय मतदाताओं की पहचान मशीन के जरिए की जा सकेगी। इसके साथ ही सभी बूथों पर पहले से अनिवार्य सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि पूरी मतदान प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जा सके।


सरकार का मानना है कि फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम के इस्तेमाल से डुप्लीकेट वोटिंग और फर्जी पहचान के जरिए मतदान की संभावनाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी। जैसे ही कोई मतदाता वोट डालने पहुंचेगा, उसकी पहचान सिस्टम में दर्ज डेटा से मिलाई जाएगी। यदि कोई व्यक्ति दोबारा मतदान करने का प्रयास करेगा या फर्जी पहचान के साथ वोट डालने पहुंचेगा, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट कर देगा। इससे न सिर्फ चुनाव की निष्पक्षता बढ़ेगी, बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी मजबूत होगा।


इसी क्रम में पंचायती राज विभाग ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य की स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश जिलों में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य संतोषजनक गति से चल रहा है। सरकार ने इस प्रगति पर संतोष जताया, लेकिन यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसका प्रमुख कारण भूमि विवाद बताया गया। इसके अलावा यह भी निर्देश दिया गया है कि कुछ जगहों पर पंचायत से जुड़ें कुछ कर्मचारियों की शिकायत सामने आई है ऐसे में इन अधिकारियों का तबादला लिस्ट भी तैयार हो रही है।


बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जहां-जहां भूमि विवाद के कारण निर्माण रुका हुआ है, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर जल्द से जल्द विवाद का समाधान किया जाए। अधिकारियों को कहा गया है कि राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जमीन से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करें। यदि किसी स्थान पर विवाद का समाधान संभव नहीं हो पाता है, तो वैकल्पिक भूमि का चयन कर वहां पंचायत सरकार भवन का निर्माण शुरू किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि पंचायत स्तर पर प्रशासनिक ढांचा मजबूत हो और ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सेवाएं मिल सकें।


बैठक में पंचायत चुनाव के दौरान क्षेत्र परिसीमन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई। सरकार ने साफ किया है कि आगामी पंचायत चुनाव में क्षेत्र परिसीमन कराने की कोई योजना नहीं है। दरअसल, कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। जनगणना के आंकड़ों के अभाव में परिसीमन की प्रक्रिया व्यावहारिक नहीं मानी जा रही है। सरकार ने कहा कि जनगणना का काम पूरा होने के बाद ही परिसीमन पर विचार किया जाएगा।


हालांकि, आरक्षण को लेकर कुछ बदलाव संभव हैं। मंत्री ने बताया कि पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर का पालन करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी कारण कुछ पंचायतों की आरक्षण श्रेणी में बदलाव किया जा सकता है। इस दिशा में काम चल रहा है और नियमों के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा, ताकि सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।


सरकार ने यह भी दोहराया कि पंचायत सरकार भवनों और कन्या विवाह भवनों का निर्माण वर्तमान सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। इन भवनों के निर्माण से न केवल पंचायत स्तर पर कामकाज में सुविधा होगी, बल्कि ग्रामीण विकास को भी नई गति मिलेगी। कुल मिलाकर, तकनीक के इस्तेमाल और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ बिहार सरकार पंचायत चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।