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Bihar News: राजगीर और पटना में बनने जा रहा आधुनिक फोरेंसिक लैब, राज्य सरकार का बड़ा कदम

Bihar News: बिहार सरकार पटना और राजगीर में नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के सहयोग से आधुनिक फोरेंसिक लैब स्थापित करने जा रही है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए राज्य सरकार का बड़ा कदम।

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
2 मिनट

Bihar News: बिहार में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पटना और राजगीर में अत्याधुनिक फोरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की जा रही है, जो नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के सहयोग से संचालित होंगे। इन लैबों में डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल फोरेंसिक, नेटवर्क ट्रेसिंग और डेटा रिकवरी जैसी उन्नत तकनीकों से जांच होगी। गृह विभाग ने इन लैबों के निर्माण में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को नियमित निगरानी और समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।


पिछले कुछ समय में साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों ने जांच एजेंसियों के सामने चुनौतियां खड़ी की हैं। इन लैबों के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल साक्ष्यों की त्वरित और सटीक जांच हो, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। पटना में एनएफएसयू के ट्रांजिट कैंपस के लिए हिंदी भवन को चुना गया है और इसके निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। यह कैंपस साइबर फोरेंसिक के क्षेत्र में विशेषज्ञता को बढ़ावा देगा और प्रशिक्षण की सुविधा भी प्रदान करेगा।


गृह विभाग ने लंबित मामलों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। वर्षों से फोरेंसिक जांच के लिए पड़े प्रदर्शों की समीक्षा के लिए विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि आदेशों की अवहेलना करने या समय पर जानकारी न देने पर स्पष्टीकरण देना होगा। इन लैबों के शुरू होने से न केवल जांच प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि साइबर अपराधों के खिलाफ बिहार की लड़ाई और मजबूत होगी।


पटना और राजगीर के ये फोरेंसिक लैब आधुनिक तकनीकों से लैस होंगे और एनएफएसयू के विशेषज्ञों की देख रेख में काम करेंगे। इनके शुरू होने से बिहार में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों की जांच में समय और संसाधनों की बचत होगी, जिससे न्याय प्रक्रिया और सुलभ हो सकेगी।