1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 02, 2025, 8:32:51 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: पटना जिले में प्रदूषण और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने अब और सख्त रवैया अपना लिया है। अप्रैल से जुलाई 2025 तक चले अभियान में 3,716 वाहनों की प्रदूषण जांच की गई थी, जिसमें 2,041 वाहन फेल पाए गए। इनसे कुल 8 करोड़ 25 लाख 62 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा, बिना ढंके लोड वाले 476 वाहनों पर कार्रवाई कर 267 को चालान किया गया और 8 लाख 67 हजार रुपये की वसूली हुई। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने सोमवार को समीक्षा बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी से यह जानकारी ली। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और तुरंत सहायता के लिए डायल 112 पर कॉल करने का निर्देश दिया है।
अप्रैल से जुलाई तक का यह अभियान प्रदूषण नियंत्रण और वाहन फिटनेस पर केंद्रित था। 3,716 वाहनों में से 2,041 फेल होने पर भारी जुर्माना लगाया गया जो औसतन 40,000 रुपये प्रति वाहन के आसपास है। बिना ढंके वाहनों से राख-धूल उड़ने से सड़कें प्रदूषित हो रही थीं, इसलिए 476 की जांच में 267 पर 8 लाख 67 हजार का चालान कटा। डीएम ने कहा कि तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, प्रदूषण प्रमाणपत्र की कमी, हेलमेट-सीट बेल्ट न पहनना, वाहन फिटनेस, परमिट, बीमा, चालक अनुज्ञप्ति और अवयस्क ड्राइविंग रोकने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएँ। वाहन पार्किंग निर्धारित जगहों पर ही हो, इसके लिए संकेतक लगाने के आदेश दिए गए।
डीएम ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जागरूकता अभियान तेज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि हादसे की सूचना तुरंत डायल 112 पर दें, ताकि घायलों को फौरन मदद मिल सके। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि ई-चालान सिस्टम से जुर्माना वसूली आसान हुई है और अब प्रदूषण फेल वाहनों पर सख्ती बढ़ाई गई है। बिहार में वाहनों की संख्या बढ़ने से प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन गई है और पटना जैसे शहरों में PM2.5 लेवल अक्सर खतरनाक सीमा से ऊपर रहता है।
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा दोनों को मजबूत करेगा। डीएम ने अधिकारियों को साप्ताहिक रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। अगर आपका वाहन प्रदूषण जांच में फेल होता है तो 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। अधिक जानकारी के लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट चेक करें।