Bihar News: ₹155 करोड़ की लागत से बिहार-झारखंड बॉर्डर पर पुल का निर्माण, 50 लाख लोगों को सीधा फायदा

Bihar News: बिहार-झारखंड बॉर्डर पर सोन नदी पर 155 करोड़ की लागत से पंडुका पुल बनेगा। 4 घंटे का सफर मात्र 10 मिनट में होगा पूरा..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 25 Aug 2025 08:42:07 AM IST

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी पर बनने वाला पंडुका पुल एक बार फिर चर्चा में है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने इस 1.5 किलोमीटर लंबे दो लेन वाले उच्चस्तरीय पुल के निर्माण को गति देने के लिए 155 करोड़ रुपये की लागत से नया टेंडर जारी किया है। दिल्ली की बीके गुप्ता कंपनी को यह जिम्मा सौंपा गया है। इस पुल के बनने से रोहतास जिले के नौहट्टा प्रखंड से झारखंड के गढ़वा जिले के श्रीनगर तक 150 किलोमीटर का सफर महज 2-3 किलोमीटर का रह जाएगा, जिससे 3-4 घंटे की यात्रा 10 मिनट में पूरी होगी।


पंडुका पुल का निर्माण पहले ब्रजेश अग्रवाल कंपनी को 144 करोड़ रुपये में सौंपा गया था, जिसका शिलान्यास केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 14 नवंबर 2022 को किया था। हालांकि, मई 2023 में पिलर में दरार और तकनीकी खामियों के कारण कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर 14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया और काम रोक दिया गया। आईआईटी की जांच के बाद नए तकनीकी डिजाइन के आधार पर अब 155 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण दोबारा शुरू होगा। 41 में से 33 पिलर पहले ही बन चुके हैं और बाकी काम नए डिजाइन के साथ 30 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है।


पंडुका पुल बिहार के रोहतास जिले के नौहट्टा और झारखंड के गढ़वा जिले के श्रीनगर को जोड़ेगा। यह पुल न केवल बिहार और झारखंड बल्कि उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच भी कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। वर्तमान में गढ़वा जाने के लिए डेहरी, औरंगाबाद, हरिहरगंज या इंद्रपुरी बराज के रास्ते 150 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। पुल बनने के बाद यह दूरी 2-3 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे लगभग 50 लाख लोगों को लाभ होगा। यह पुल एनएच-19 और एनएच-39 से सीधे जुड़ेगा, जिससे डेहरी और सासाराम जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।


पंडुका पुल के बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आवागमन आसान होगा। खासकर बारिश और बाढ़ के मौसम में, जब लोग नाव से या लंबे रास्ते से सोन नदी पार करते हैं, यह पुल बड़ी राहत देगा। स्थानीय लोग इसे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ मान रहे हैं। नौहट्टा, सासाराम, डेहरी और चेनारी जैसे इलाकों में किसानों, व्यापारियों और छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा। कार्यपालक अभियंता खुर्शीद के अनुसार, निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा, जिससे क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद जगी है।