1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 24, 2025, 9:17:11 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने साइबर अपराध के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। दूरसंचार विभाग के सहयोग से बुधवार को समस्तीपुर के रोसड़ा, पूर्णिया के बायसी और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में छापेमारी की गई, जिसमें दो सिम बॉक्स के साथ तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह सिम बॉक्स डिवाइस के जरिए डिजिटल अरेस्ट और निवेश फ्रॉड जैसे अपराध कर रहा था और कंबोडिया व थाईलैंड जैसे देशों से जुड़ा हुआ था। गिरफ्तार सदस्यों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि हर महीने 1.2 लाख से ज्यादा फर्जी कॉल्स की जा रही थीं, जिससे दूरसंचार विभाग को करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा था।
गिरफ्तार सदस्यों में समस्तीपुर के रोसड़ा का चंद्रबली सिंह (POS संचालक), हसनपुर का मुन्ना कुमार और पूर्णिया के बायसी चिरैया का काफिफ शेख शामिल हैं। EOU के DIG मनवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि चंद्रबली सिंह ने खुलासा किया कि मास्टरमाइंड अंजनी कुमार स्वतंत्रता (समस्तीपुर निवासी) ही पूरे नेटवर्क को चला रहा था। अंजनी ने बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कई सिम बॉक्स सेटअप किए थे, जिनमें सिलीगुड़ी के पांच सिम बॉक्स बंगाल STF ने पहले ही बरामद कर लिए थे। फिलहाल अंजनी फरार है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है।
EOU की साइबर विंग ने SP साइबर के नेतृत्व में SIT गठित की थी। पटना से मिली टिप पर समस्तीपुर में चंद्रबली से पूछताछ हुई, जहां से पता चला कि अंजनी ने सिम बॉक्स, राउटर और सिम कार्ड्स उपलब्ध कराए थे। ये डिवाइसेज VoIP कॉल्स को लोकल कॉल्स में बदलकर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल हो रही थीं। वाराणसी के लहरतारा, महमुरगंज रोड, पंचपेडवा से एक सिम बॉक्स, 16 एंटीना, राउटर, 13 BSNL सिम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुए। वहीं, पूर्णिया के बायसी में हसिफ महफूज की मोबाइल दुकान से दूसरा सिम बॉक्स, राउटर और कई सिम जब्त किए गए।
यह कार्रवाई सिम बॉक्स के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है, हाल ही में सुपौल, भोजपुर और अन्य जगहों से भी उपकरण बरामद हो चुके हैं। गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी है और राजस्व नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए संदिग्ध कॉल्स से सतर्क रहें।