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BIHAR: 16 मई तक मौसम विभाग ने जारी किया हीट वेव का अलर्ट, दूर-दूर तक बारिश की कोई संभावना नहीं

कुछ दिनों की राहत भरी बारिश के बाद एक बार फिर बिहार भीषण गर्मी की चपेट में आने वाला है। भारतीय मौसम विभाग ने 8 मई से 16 मई 2025 तक राज्य में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।

bihar
मौसम विभाग का अलर्ट
© google
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: पिछले कुछ दिनों से हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया था। घरों में तो ठंड के चलते पंखा और एसी भी चलना बंद हो गया था। लोग चाह रहे थे कि इसी तरह का मौसम बना रहे तो अच्छा होता। कम से कम चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से परेशान नहीं होते। लेकिन उनकी यह मंशा पूरी नहीं हो सकी क्योंकि बारिश के अगले दिन ही मौसम फिर पहले जैसा हो गया। अब तो मौसम विभाग ने 8 मई से लेकर 16 मई तक हीट वेव का अलर्ट जारी कर दिया है।


 ऐसे में दूर-दूर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। लू चलने की तीव्रता सबसे अधिक रहेगी। 8 मई से उत्तर बिहार का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर हो जाएगा। गर्म पछिया हवा चलेगी जिससे प्रचंड गर्मी सताएगी। मौसम विभाग की माने तो फिलहाल दूर-दूर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। 16 मई तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। 


भारत मौसम विज्ञान विभाग के संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल के अनुसार, दिनांक 08 मई 2025 से बिहार राज्य में पछुआ हवाओं का प्रभाव बढ़ने की संभावना है। मध्य भारत एवं समीपवर्ती ओडिशा क्षेत्र में एक प्रतिचक्रवातीय परिसंचरण (Anti-cyclonic circulation) सक्रिय होने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्म एवं शुष्क पछुआ हवाओं का प्रवाह हो सकता है। 

* तापमान में वृद्धि: दिन एवं रात के तापमान सामान्य से अधिक रहने की प्रबल संभावना है।

* हीटवेव (लू) की स्थितिः राज्य के कुछ स्थानों पर लू चलने की भी संभावना है, विशेषकर उत्तर-पश्चिमी, उत्तर-मध्य, दक्षिण बिहार के जिलों में इसका प्रभाव अधिक तीव्र हो सकता है।

* तापमान सीमाः दिनांक 10 मई से 14-16 मई 2025 तक राज्य के अनेक स्थानों में अधिकतम तापमान 40°C या उससे अधिक रहने की संभावना है।

* सतही आर्द्रताः न्यूनतम स्तर पर, लगभग 20% से 30% के बीच रहने का अनुमान है।



* क्षेत्रीय प्रभावः

* उच्च जोखिम क्षेत्रः उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिले विशेषकर नगर निकाय,

* कम प्रभाव क्षेत्रः उत्तर-पूर्वी बिहार

* उष्ण लहर का संभावित प्रभाव:

*बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार व्यक्ति गर्मी की चपेट में आसानी से आ सकते हैं।

*जो लोग लंबे समय तक धूप में रहते हैं या बाहर काम करते हैं, उनमें लू से संबंधित बीमारियों की आशंका अधिक होती है।

*अत्यधिक गर्मी के कारण प्रभावित क्षेत्रों में फसलों और सब्जियों पर हीट स्ट्रेस (ऊष्मा जनित तनाव) होने की प्रबल संभावना रहती

है।


*लू का असर पालतू जानवरों, पक्षियों और वन्य जीवों पर भी पड़ सकता है।

*बचाव के लिए सुझाव

*गर्मी से बचने के लिए यथासंभव सीधे सूर्य के संपर्क में आने से बचें, विशेषकर दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच। संभव हो तो इस अवधि में छायादार या ठंडी स्थानों पर रहें। गर्मी के जोखिम से बचे यथासंभव छायादार स्थान मे रहे।

*पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और निर्जलीकरण से बचें। ओआरएस, लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें।

*हल्का, ताजा एवं सुपाच्य भोजन करें; तले और मसालेदार खाने से परहेज करें।

*वातानुकूलित (AC) कमरे गाड़ी से सीधे गर्म वातावरण में बाहर न जाएं।

*बाहरी श्रम करते समय टोपी, छतरी या नम कपड़े का उपयोग करें और शरीर को ढककर रखें। निर्जलीकरण से बचें पर्याप्त मात्रा में पानी पियें।


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