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बिहार में मिड-डे मील का नया नियम, बच्चों की संख्या के आधार पर होगी रसोइया की बहाली; सभी DPO को आदेश जारी

Bihar Education News: बिहार के 71 हजार स्कूलों में मिड-डे मील रसोइयों की नियुक्ति अब बच्चों की संख्या के आधार पर होगी। विभाग ने एक माह के भीतर रिक्त पद भरने और डेटा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है।

Bihar Education News
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Education News: बिहार के करीब 71 हजार प्रारंभिक विद्यालयों में अब मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के तहत रसोइयों और सहायकों की नियुक्ति बच्चों की संख्या के आधार पर की जाएगी। इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी तेज कर दी गई है और रिक्त पदों को एक माह के भीतर भरने का निर्देश जारी किया गया है।


मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि विद्यालयवार बच्चों की संख्या को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर जल्द से जल्द अपलोड किया जाए। इसके आधार पर ही रसोइया और सहायक की संख्या तय की जाएगी।


नई व्यवस्था के तहत यदि किसी विद्यालय में रसोइया या सहायक का पद एक माह से अधिक समय तक रिक्त रहता है, तो इसके लिए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में जिला शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा।


विभागीय निर्देशों के अनुसार, पहले 2013 की अनुदेशिका में कुल नामांकित छात्र-छात्राओं के 85 प्रतिशत के आधार पर रसोइया और सहायक की संख्या तय की जाती थी, जिसे बाद में संशोधित कर 75 प्रतिशत कर दिया गया था। अब अद्यतन नामांकन के आधार पर ही नियुक्ति की जाएगी।


इसके अलावा स्पष्ट किया गया है कि रसोइया या सहायक के सेवानिवृत्त होने, मृत्यु या इस्तीफा देने की स्थिति में पुराने रिक्त पद को आधार नहीं माना जाएगा। इसके बजाय विद्यालय में वर्तमान नामांकन और निर्धारित मानकों के अनुसार रिक्ति की गणना कर एक माह के भीतर नए रसोइया और सहायक की नियुक्ति सुनिश्चित करनी होगी।  सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी स्थिति में मध्याह्न भोजन योजना एक दिन के लिए भी बाधित न हो और बच्चों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता