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Bihar Land Survey: जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी, भूमि सर्वेक्षण के कागजात जमा करने की डेडलाइन हटाई गई

अंतिम तिथि तय न होने से रैयतों को राहत मिली है, लेकिन यह भी ज़रूरी है कि वे समय रहते अपनी ज़मीन से जुड़े कागज़ात विभाग को उपलब्ध कराएं, जिससे भविष्य में भूमि स्वामित्व से जुड़ी किसी प्रकार की जटिलता से बचा जा सके।

BIHAR
जमीन मालिक ध्यान दें
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

Bihar Land Survey: भूमि सर्वेक्षण 2025 के लिए स्वघोषणा पत्र जमा करने की अंतिम तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है। जमीन मालिकों की सुविधा का ख्याल रखते हुए इस पोर्टल को अभी खुला रखा गया है। अगर आप भी अभी तक प्रपत्र 2 फार्म नहीं भर पाए हैं। स्वघोषणा पत्र अभी तक जमा नहीं कर पाए हैं तो यह काम कर लें। 


 बता दें कि पहले 31 मार्च तक स्वघोषणा पत्र प्रपत्र 2 जमा करने की तिथि निर्धारित थी। बिहार में जमीन मालिकों की संख्या 10 लाख से ज्यादा है जिसमें अभी तक  3लाख 74हजार 831 रैयतों ने स्वघोषणा पत्र जमीन के कागजात के साथ ऑनलाइन अपलोड कर दिया है। जमीन के मालिक ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों मोड में जमीन का कागज जमा कर रहे हैं। 


जिला बंदोबस्त पदाधिकारी ने सभी रैयतों को जल्द से जल्द स्वघोषणा पत्र जमा करने को कहा है। रैयतों की सुविधा को देखते हुए जमीन से संबंधित जानकारी देने की अंतिम तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है। ऐसे में रैयत अभी भी ऑनलाइन और ऑफलाइन अपने जमीन का कागज जमा कर रहे हैं। 


बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण अभियान 2025 के तहत ज़मीन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। पहले प्रपत्र-दो में स्वघोषणा पत्र (Self-declaration Form) जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। विभाग ने फिलहाल कोई नई अंतिम तिथि तय नहीं की है, जिससे अब भी रैयत अपने भूमि से संबंधित आवश्यक दस्तावेज़ ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं।


अब तक 3.74 लाख रैयतों ने दी जानकारी, लक्ष्य 10 लाख से अधिक

जिले में कुल रैयतों की संख्या 10 लाख से अधिक है, लेकिन अब तक केवल 3,74,831 रैयतों ने ही अपने भूमि की जानकारी विभाग को दी है। इनमें से 2,70,615 रैयतों ने ऑफलाइन माध्यम से संबंधित कार्यालयों में जाकर प्रपत्र जमा किए हैं, जबकि 1,04,216 रैयतों ने ऑनलाइन माध्यम को चुना है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अब भी बड़ी संख्या में रैयतों को अपनी जानकारी विभाग को देनी बाकी है।


ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध

विभाग ने रैयतों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही विकल्प उपलब्ध कराए हैं, ताकि कोई भी रैयत प्रक्रिया से वंचित न रह जाए। जिला बंदोबस्त पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने सभी रैयतों से अपील की है कि वे समय रहते अपना स्वघोषणा पत्र जमा कर दें, ताकि उनकी जमीन विशेष भूमि सर्वेक्षण में शामिल हो सके और उन्हें भविष्य में कोई समस्या न हो।


शीघ्र शुरू होगी सत्यापन प्रक्रिया

बंदोबस्त पदाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि बहुत जल्द स्वघोषणा पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इसके तहत संबंधित भूमि का भौतिक निरीक्षण कर उसकी सच्चाई की पुष्टि की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सर्वेक्षण की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो और हर रैयत की जमीन सही तरीके से दर्ज हो सके।


1507 गांवों में चल रहा है सर्वेक्षण

बेतिया जिले में 18 अंचलों में से 17 अंचलों के 1507 गांवों में विशेष भूमि सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में चनपटिया, मझौलिया, नौतन और लौरिया अंचलों के 281 गांवों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। वहीं, दूसरे चरण में नरकटियागंज, सिकटा, मैनाटांड, गौनाहा, बैरिया, योगापट्टी, बगहा-एक, बगहा-दो, रामनगर, मधुबनी, पिपरासी, ठकराहा और भितहां अंचलों में 1170 गांवों में सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है।


31 मार्च तक केवल 79 हजार रैयतों ने दिया था फॉर्म

गौरतलब है कि 31 मार्च तक केवल 79,110 रैयतों ने ही अपने-अपने स्वघोषणा पत्र विभाग को सौंपे थे। लेकिन पिछले एक पखवारे में इसमें अच्छी-खासी वृद्धि हुई है, जो दर्शाता है कि लोग अब इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक हो रहे हैं।

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