ब्रेकिंग
पटना सिटी की महिला डीसीएलआर पर 15 लाख रिश्वत लेने का आरोप, निलंबन की हुई अनुशंसाबिहार पुलिस और सरकार के दावों की हवा निकाल रहे अपराधी, पिकअप ड्राइवर को गोली मारकर लूट लिए एक लाखबिहार में नशे के कारोबार का अजब खेल: जब्त कोडीन कफ सिरप की थाने के मालखाने से हो रही थी सप्लाई, चार पुलिसकर्मी अरेस्ट, SHO सस्पेंडबिहार को एक और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात, इस दिन झंडी दिखाएंगे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव; जयपुर से दरभंगा की यात्रा होगी सुगमBihar Teacher Vacancy 2026 : गेस्ट फैकल्टी सिस्टम खत्म! प्रोफेसर बहाली में नया नियम, मैट्रिक से PhD तक के नंबर से बनेगी मेरिटपटना सिटी की महिला डीसीएलआर पर 15 लाख रिश्वत लेने का आरोप, निलंबन की हुई अनुशंसाबिहार पुलिस और सरकार के दावों की हवा निकाल रहे अपराधी, पिकअप ड्राइवर को गोली मारकर लूट लिए एक लाखबिहार में नशे के कारोबार का अजब खेल: जब्त कोडीन कफ सिरप की थाने के मालखाने से हो रही थी सप्लाई, चार पुलिसकर्मी अरेस्ट, SHO सस्पेंडबिहार को एक और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात, इस दिन झंडी दिखाएंगे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव; जयपुर से दरभंगा की यात्रा होगी सुगमBihar Teacher Vacancy 2026 : गेस्ट फैकल्टी सिस्टम खत्म! प्रोफेसर बहाली में नया नियम, मैट्रिक से PhD तक के नंबर से बनेगी मेरिट

Bihar News : सिर्फ परीक्षा पास करने से नहीं मिलेगी डिग्री! बिहार के लाखों छात्रों के लिए आया नया नियम, अब 120 घंटे की इंटर्नशिप होगी अनिवार्य

बिहार के विश्वविद्यालयों में अब इंटर्नशिप किए बिना स्नातक की डिग्री नहीं मिलेगी। चौथे सेमेस्टर के छात्रों के लिए 120 घंटे की इंटर्नशिप अनिवार्य कर दी गई है। उपस्थिति, प्रदर्शन और मूल्यांकन के आधार पर ही छात्रों को क्रेडिट और डिग्री मिलेगी।

Bihar News : सिर्फ परीक्षा पास करने से नहीं मिलेगी डिग्री! बिहार के लाखों छात्रों के लिए आया नया नियम, अब 120 घंटे की इंटर्नशिप होगी अनिवार्य
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : बिहार के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे स्नातक छात्रों के लिए अब इंटर्नशिप अनिवार्य कर दी गई है। लोकभवन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) समेत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट कर दिया गया है कि इंटर्नशिप पूरी किए बिना छात्रों को स्नातक की डिग्री नहीं दी जाएगी। यह व्यवस्था स्नातक चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों पर लागू होगी।


नई व्यवस्था के तहत छात्रों को कुल 120 घंटे की इंटर्नशिप करनी होगी। इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति और गतिविधियों की कड़ी निगरानी की जाएगी। छात्र किस समय इंटर्नशिप स्थल पर पहुंचे और कब वहां से निकले, इसका पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसी रिकॉर्ड के आधार पर उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन भी किया जाएगा।


लोकभवन ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिया है कि इंटर्नशिप की निगरानी के लिए सुपरवाइजर नियुक्त किए जाएं। सुपरवाइजर छात्रों की दैनिक उपस्थिति दर्ज करेंगे और उनकी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इंटर्नशिप पूरी होने के बाद फीडबैक रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा।


निर्देश के अनुसार विद्यार्थियों को प्रतिदिन लगभग पांच घंटे इंटर्नशिप करनी होगी। यह इंटर्नशिप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कराई जाएगी। सरकारी संस्थानों में ऑनलाइन इंटर्नशिप की व्यवस्था होगी, जबकि निजी संस्थानों में छात्रों को ऑफलाइन प्रशिक्षण लेना होगा। पहले इंटर्नशिप के लिए छात्रों से शुल्क लेने और बाहरी एजेंसियों के माध्यम से कार्यक्रम संचालित करने की योजना थी, लेकिन अब लोकभवन ने इस पर रोक लगा दी है। छात्रों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा और कॉलेज अपने स्तर पर इंटर्नशिप की व्यवस्था करेंगे।


इंटर्नशिप पूरी करने के बाद छात्रों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा। इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप तैयार कर लिया गया है। साथ ही छात्रों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों आधार पर मूल्यांकन होगा। मूल्यांकन में कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिसमें 70 अंक सैद्धांतिक और 30 अंक व्यावहारिक परीक्षा के होंगे। छात्रों के लिए इस मूल्यांकन में सफल होना भी अनिवार्य होगा।


इधर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक चौथे सेमेस्टर सत्र 2023-27 के विद्यार्थियों की इंटर्नशिप 1 जुलाई से शुरू होकर 30 जुलाई तक चलेगी। इस संबंध में विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अध्यक्ष (डीएसडब्ल्यू) प्रो. आलोक प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार, सीसीडीसी प्रो. रजनीश कुमार गुप्ता, प्रो. ललन कुमार झा और प्रो. नवेदुल हक समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी कॉलेज अपने स्तर पर छात्रों को इंटर्नशिप कराएंगे और 30 जुलाई तक यह प्रक्रिया हर हाल में पूरी कर ली जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस इंटर्नशिप के लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने वाले विद्यार्थियों को चार क्रेडिट भी प्रदान किए जाएंगे, जो उनकी शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे रोजगार और पेशेवर जीवन की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। लोकभवन के निर्देशों की प्रति सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को भेजी जा रही है और उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप इंटर्नशिप कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया गया है।