बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई की पुरानी व्यवस्था को लेकर विधान परिषद में सवाल उठाया गया। एमएलसी नवल किशोर यादव ने शिक्षा विभाग से पूछा कि क्या राज्य के सरकारी विद्यालयों में पहले की तरह शनिवार को हाफ डे क्लास की व्यवस्था दोबारा लागू की जाएगी या नहीं। इस पर शिक्षा विभाग की ओर से साफ जवाब दिया गया कि फिलहाल सरकार ऐसा कोई फैसला लेने की तैयारी में नहीं है।
नवल किशोर यादव ने विधान परिषद में कहा कि इससे पहले शिक्षा मंत्री रहते हुए एक नेता ने सदन में यह आश्वासन दिया था कि शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई की व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने सवाल किया कि जब बिहार में नई शिक्षा नीति लागू है तो फिर उसके दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूलों में शनिवार की पढ़ाई क्यों नहीं कराई जा रही है।
नई शिक्षा नीति में शनिवार की पढ़ाई का क्या है प्रावधान?
एमएलसी नवल किशोर यादव ने सदन में नई शिक्षा नीति के गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि इसके अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक स्कूलों में प्रतिदिन 5 से 5:30 घंटे तक कक्षाएं संचालित करने का प्रावधान है। लेकिन बिहार में सरकारी स्कूलों में सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक करीब 6:30 घंटे तक कक्षाएं चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुसार महीने के दो शनिवार को करीब दो से ढाई घंटे तक पढ़ाई कराने और बाकी दो शनिवार को स्कूल बंद रखने की व्यवस्था का उल्लेख है। ऐसे में बिहार में इस व्यवस्था को लागू क्यों नहीं किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग एक्ट से चले या फैक्ट से- नवल किशोर यादव
नवल किशोर यादव ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग को नियमों और कानून के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग या तो एक्ट के हिसाब से शिक्षा व्यवस्था चलाए या फिर अपनी सुविधा के अनुसार फैसले लेना बंद करे।
उन्होंने सदन में मौजूद सदस्यों से भी सवाल किया कि जो लोग खुद स्कूलों में पढ़ चुके हैं, क्या वे बता सकते हैं कि पहले के समय में शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई नहीं होती थी? उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था में शनिवार को हाफ डे क्लास का प्रावधान छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए बेहतर था।
शिक्षा मंत्री के पूर्व सलाहकार का नाम लेते समय हुई गलती
विधान परिषद में सवाल पूछने के दौरान नवल किशोर यादव से शिक्षा विभाग के पूर्व अपर मुख्य सचिव केके पाठक का नाम लेने में गलती हो गई। उन्होंने पहले उनका नाम "केके फाटक" बोल दिया। इसके बाद सदन में मौजूद अन्य नेताओं ने उन्हें बताया कि सही नाम केके पाठक है।
इसके बाद नवल किशोर यादव ने अपनी गलती सुधारते हुए कहा कि वह केके पाठक की बात कर रहे थे। मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने भी निर्देश दिया कि सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से "फाटक" शब्द हटाकर सही नाम दर्ज किया जाए।
शनिवार की पढ़ाई को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
बिहार में सरकारी स्कूलों के समय और पढ़ाई की व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में पढ़ाई के घंटे बढ़ाने और उपस्थिति सुधारने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। वहीं, शिक्षक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का एक वर्ग लंबे समय से शनिवार की पढ़ाई व्यवस्था में बदलाव की मांग करता रहा है।
अब विधान परिषद में उठे इस मुद्दे के बाद एक बार फिर सरकारी स्कूलों में शनिवार की पढ़ाई को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि शिक्षा विभाग ने फिलहाल साफ कर दिया है कि शनिवार को हाफ डे पढ़ाई की पुरानी व्यवस्था लागू करने की कोई योजना नहीं है।





