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Bihar School : बिहार के सरकारी स्कूलों में अब शाम को चलेगी कोचिंग, शिक्षकों को मिलेगा अलग इंसेंटिव

बिहार के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई खत्म होने के बाद छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास चलेगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों को अलग इंसेंटिव देने का भी ऐलान किया है।

Bihar School : बिहार के सरकारी स्कूलों में अब शाम को चलेगी कोचिंग, शिक्षकों को मिलेगा अलग इंसेंटिव
Tejpratap
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Bihar School : बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया है। अब राज्य के सरकारी स्कूलों में नियमित पढ़ाई खत्म होने के बाद उसी स्कूल के छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास चलाई जाएगी। इन कक्षाओं में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाएगा।


पटना के कलमबाग चौक स्थित मधुकर निकेतन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को कोचिंग मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना और निजी कोचिंग पर निर्भरता कम करना है। मंत्री ने बताया कि स्कूल समय के बाद कोचिंग शुरू करने से पहले छात्रों और अभिभावकों से राय ली जाएगी। उनकी सहमति और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजना लागू की जाएगी।


जर्जर स्कूल भवनों की होगी पहचान

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) से भवनहीन और जर्जर स्कूलों की सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद आवश्यक सुधार और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। मुजफ्फरपुर में बेंच-डेस्क खरीद में कथित अनियमितता को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।


“हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम की शुरुआत

सरकार जल्द ही “हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इसके तहत उन पूर्व छात्रों को अपने पुराने स्कूलों से जोड़ा जाएगा जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में पहचान बनाई है। मंत्री ने कहा कि सफल पूर्व छात्रों को अपने स्कूल को गोद लेने और उसके विकास में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने खुद भी अपने स्कूल को गोद लेने की बात कही।


सीएसआर (CSR) मॉडल की तर्ज पर पूर्व छात्रों और निजी संस्थानों से स्कूलों के विकास में सहयोग लिया जाएगा। साथ ही ये लोग स्कूलों में चल रही गतिविधियों की निगरानी भी करेंगे। ऐसे योगदान देने वालों को बिहार दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाएगा।


शिकायतों की होगी डिजिटल ट्रैकिंग

शिक्षा विभाग में आने वाली शिकायतों के निपटारे के लिए अब समय सीमा तय की जाएगी। मंत्री ने बताया कि विभाग में “स्मार्ट लेटर प्रणाली” विकसित की जा रही है, जिसके जरिए शिकायतों और पत्राचार की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी।उन्होंने कहा कि एक ही विषय पर बार-बार अलग-अलग पत्र जारी करने की व्यवस्था खत्म की जाएगी ताकि कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।


निजी स्कूलों की निगरानी के नियमों में बदलाव की तैयारी

शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों को एनओसी देने की प्रक्रिया में भी बदलाव पर विचार किया जा रहा है। नए नियमों में ऐसी व्यवस्था होगी जिससे निजी स्कूलों की समय-समय पर निगरानी की जा सके।इसके अलावा शिक्षकों के तबादले के लिए जल्द नई नीति लाई जाएगी। सरकार नई शिक्षा नीति को तेजी से लागू करने की दिशा में भी काम कर रही है।मंत्री ने कहा कि बिहार को फिर से शिक्षा और ज्ञान का केंद्र बनाने के लिए कई स्तर पर योजनाएं तैयार की जा रही हैं। वहीं विभागीय कार्यों को आसान बनाने के लिए शिक्षा विभाग के कार्यालयों में सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू किया जाएगा।