Bihar New Rules : बिहार सरकार ने सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत अब सरकारी कर्मचारियों की समयपालन और उपस्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कार्यालय में देरी से पहुंचने और बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार का मानना है कि सरकारी दफ्तरों में समय पर कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित होने से आम जनता को बेहतर और त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी। इसी उद्देश्य से करीब 10 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों को भी इन नियमों के पालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी कर्मचारियों को कार्यालय पहुंचते ही बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय के बाद कार्यालय पहुंचता है या उपस्थिति दर्ज कराने में लापरवाही करता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि लगातार देर से आने वाले कर्मचारियों के वेतन में कटौती तक की जा सकती है।
सरकार द्वारा जारी आदेश में कार्यालयी समय के दौरान अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी कड़ी में कर्मचारियों के लिए लंच ब्रेक की समय सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। अब सरकारी दफ्तरों में दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक ही भोजनावकाश रहेगा। इस निर्धारित अवधि के बाद सभी कर्मियों को अपने-अपने कार्यस्थल पर लौटकर नियमित कामकाज करना होगा।
अधिकारियों का कहना है कि कई विभागों में लंबे समय तक लंच ब्रेक और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण फाइलों के निष्पादन में देरी होती थी। नए नियम लागू होने के बाद कार्यों के निष्पादन में तेजी आने और जनता से जुड़े मामलों के समय पर निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार ने मौसम और दिन की अवधि को ध्यान में रखते हुए कार्यालयी समय में भी बदलाव किया है। आदेश के अनुसार मार्च से अक्टूबर तक सभी सरकारी कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे। वहीं नवंबर से फरवरी के बीच कार्यालयों का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान सभी कर्मचारियों को निर्धारित समय तक कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों और जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि किसी प्रकार की लापरवाही को तुरंत चिन्हित किया जा सके।
सरकार का मानना है कि समयबद्ध उपस्थिति, सीमित लंच ब्रेक और निर्धारित कार्य अवधि का पालन होने से सरकारी कार्यालयों की कार्यक्षमता में सुधार होगा। इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि आम लोगों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। नए नियमों को राज्य में सुशासन और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





