Bihar Health Department: बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के जिला अस्पतालों में भी रात के समय नियमित इमरजेंसी सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इस नई व्यवस्था से गंभीर मरीजों को इलाज के लिए देर रात पटना या अन्य बड़े शहरों के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग इन दिनों अस्पतालों की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है। जिलों से रेफर होकर आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज जिला अस्पतालों में ही सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
विभाग ने तय किया है कि रेफरल पॉलिसी लागू होने से पहले जिला अस्पतालों में इमरजेंसी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा, ताकि रात के समय गंभीर रूप से बीमार मरीजों और दुर्घटना के शिकार लोगों को तत्काल उपचार मिल सके।
नई व्यवस्था के तहत जिला अस्पतालों में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, शिशु रोग और स्त्री एवं प्रसूति रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात की जाएगी। इसके अलावा प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी और आवश्यक तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पतालों में जरूरी दवाएं, जांच सुविधाएं और जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आपात स्थिति में मरीजों का इलाज तुरंत शुरू किया जा सके।
विभाग की समीक्षा में सामने आया है कि वर्तमान में कई जिलों में रात के समय विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को पटना और अन्य बड़े शहरों के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे कई बार मरीजों की हालत और गंभीर हो जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, प्रसव संबंधी आपात स्थिति या बच्चों की गंभीर बीमारी में शुरुआती घंटों का इलाज बेहद महत्वपूर्ण होता है। जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
इस व्यवस्था से मेडिकल कॉलेज अस्पतालों पर भी मरीजों का अनावश्यक दबाव कम होगा और लोगों को अपने ही जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग जिला अस्पतालों में रात की इमरजेंसी सेवाओं की नियमित निगरानी भी करेगा।




