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मानवाधिकार आयोग ने NTPC और SSP को भेजा नोटिस, बिहार में तीन बच्चों की मौत पर मांगा जवाब

Bihar News: मुजफ्फरपुर के कांटी स्थित एनटीपीसी के ऐश डाइक लैगून में तीन बच्चों की डूबकर मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एनटीपीसी के सीएमडी और मुजफ्फरपुर एसएसपी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी क्षेत्र में एनटीपीसी के 'ऐश डाइक लैगून' (राख जमा करने वाले तालाब) में डूबने से तीन बच्चों की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस घटना को मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला मानते हुए एनटीपीसी, दिल्ली के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) तथा मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को नोटिस जारी किया है। दोनों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।



आयोग ने 12 जुलाई 2026 को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की। रिपोर्ट में बताया गया था कि मुजफ्फरपुर जिले के कांटी क्षेत्र में नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) द्वारा बनाए गए 'ऐश डाइक लैगून' में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। इन तालाबों का उपयोग कोयले की राख (फ्लाई ऐश) जमा करने के लिए किया जाता है।



मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे और न ही लोगों को तालाब के पास जाने से रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात थे। आयोग ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। यह हादसा 9 जुलाई की शाम कांटी नगर परिषद क्षेत्र में हुआ। 



बताया गया कि बच्चे अनजाने में नहाने के लिए उस स्थान पर चले गए, जो अत्यंत खतरनाक था। कांटी पावर स्टेशन से निकलने वाली राख को जमा करने के लिए बनाए गए डाइक के समीप पानी भरा रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनटीपीसी की ओर से वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।



घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बच्चों को पानी से निकालकर कांटी सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 12 वर्षीय दीनानाथ, 11 वर्षीय आयुष कुमार और 12 वर्षीय आरव गुप्ता के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए।



इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की। सूचना मिलने पर कांटी विधायक अजीत कुमार भी मौके पर पहुंचे। थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विधायक के समझाने के बाद स्थिति शांत हुई।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता