Bihar News : नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश के बाद बिहार में बाढ़ की आशंका को लेकर बनी चिंता के बीच अब राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने कहा कि नेपाल में जिस तरह की आपदा आई, वह निश्चित रूप से चिंता का विषय है, लेकिन फिलहाल बिहार में हालात नियंत्रण में हैं और लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान का आशीर्वाद रहा है कि नेपाल में आई आपदा का बिहार पर अपेक्षित रूप से गंभीर असर नहीं पड़ा। हालांकि, नेपाल की स्थिति को लेकर बिहार सरकार पूरी तरह सतर्क है और वहां की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पड़ोसी देश में होने वाली भारी बारिश और प्राकृतिक घटनाओं का सीधा असर बिहार की नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है, इसलिए प्रशासन को लगातार अलर्ट मोड में रखा गया है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री लगातार ले रहे बिहार की स्थिति का जायजा
सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार भी बिहार की स्थिति को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री लगातार बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के साथ हालात की निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, फिलहाल परिस्थितियां धीरे-धीरे सामान्य दिशा में बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से संभावित खतरे को देखते हुए पहले से ही आवश्यक तैयारियां की गई थीं। यही वजह है कि नेपाल से आने वाले पानी और नदियों के बढ़ते जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
करीब एक लाख क्यूसेक पानी हुआ डिस्चार्ज
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बारिश की वजह से नदियों में पानी की मात्रा कुछ बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आज करीब एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए फिलहाल किसी बड़े खतरे की बात सामने नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि बारिश होने की वजह से पानी थोड़ा अधिक आ रहा है, लेकिन जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक समेत बिहार की कई नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखा गया है। इससे पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और आसपास के इलाकों में प्रशासन की चिंता बढ़ी थी। हालांकि, अब पानी के दबाव में कमी आने और स्थिति सामान्य होने की उम्मीद से लोगों ने भी राहत की सांस ली है।
खतरा टला या अभी भी सतर्कता जरूरी?
बिहार में संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक की स्थिति को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि चीजें सामान्य हो रही हैं। हालांकि, उन्होंने पूरी तरह लापरवाही बरतने के बजाय मौसम और नदियों की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर इंद्र भगवान की कृपा बनी रही और आगे अत्यधिक बारिश नहीं हुई तो स्थिति पूरी तरह सामान्य रहेगी। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि फिलहाल सरकार किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं देख रही है, लेकिन प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए सतर्कता जारी रखी जाएगी।
सीमावर्ती जिलों में प्रशासन की नजर
नेपाल से आने वाले पानी का सबसे ज्यादा असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में पड़ता है। ऐसे में पश्चिमी और पूर्वी चंपारण सहित गंडक नदी से जुड़े क्षेत्रों में प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी लगातार जारी है। तटबंधों की स्थिति, नदियों के जलस्तर और संभावित जलजमाव वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
सरकार का फोकस इस बात पर है कि यदि नेपाल में दोबारा भारी बारिश होती है या नदियों में अचानक पानी बढ़ता है तो उससे निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे। राहत और बचाव दलों को भी जरूरत के अनुसार सक्रिय रखने की तैयारी है।
फिलहाल बिहार को राहत
कुल मिलाकर नेपाल में आई आपदा के बाद बिहार में पैदा हुई बाढ़ की आशंका के बीच फिलहाल राहत की स्थिति है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक राज्य में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। करीब एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने के बावजूद अभी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
हालांकि, बिहार में मानसून के दौरान नदियों के जलस्तर में अचानक बदलाव की संभावना बनी रहती है। ऐसे में सरकार और प्रशासन की निगरानी आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने भी साफ संकेत दिया है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन मौसम और नदियों की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।





