ब्रेकिंग
लेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशलेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेश

बिहार में 62 हजार करोड़ का बिजली घोटाला: RK सिंह बोले...सरकार ने अडाणी से किया गलत समझौता

RK सिंह ने कहा कि इस घोटाले में बिजली विभाग के कई अधिकारी शामिल हैं और इस पूरे प्रकरण की CBI से जांच कराई जानी चाहिए। आरके सिंह ने दावा किया कि यह घोटाला राज्य में एक थर्मल पावर प्लांट से जुड़ा है, जिसके तहत सरकार ने अडाणी समूह के साथ गलत बिजली खरीद

बिहार
सीबीआई जांच की मांग
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक दो दिन पहले राज्य की राजनीति में बिजली समझौते को लेकर बड़ा बवाल मच गया है। बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने बिहार सरकार पर 62 हजार करोड़ रुपए के बिजली घोटाले का आरोप लगाया है।


RK सिंह ने कहा कि इस घोटाले में बिजली विभाग के कई अधिकारी शामिल हैं और इस पूरे प्रकरण की CBI से जांच कराई जानी चाहिए। आरके सिंह ने दावा किया कि यह घोटाला राज्य में एक थर्मल पावर प्लांट से जुड़ा है, जिसके तहत सरकार ने अडाणी समूह के साथ गलत बिजली खरीद समझौता (PPA) किया है।


आरके सिंह ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार ने 25 साल के लिए बिजली खरीदने का एग्रीमेंट किया है, जिसके तहत बिहार सरकार को 6 रुपए 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी होगी, जबकि मौजूदा दर इससे काफी कम है। उन्होंने कहा कि इस एग्रीमेंट की शर्तों और जमीन आवंटन प्रक्रिया में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं, जिससे जनता पर बड़ा बोझ पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि "यह समझौता राज्य की जनता के साथ धोखा है। इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए और पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जानी चाहिए।

संबंधित खबरें