ब्रेकिंग
1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी

Bihar News: बिहार के लोगों को मिल सकती है बड़ी राहत, बिजली कंपनी ने BERC को भेजा प्रस्ताव; प्रति यूनिट इतने रुपए की होगी बचत

Bihar News: बिहार के शहरी उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य की बिजली वितरण कंपनी ने एक बड़ा प्रस्ताव बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) को सौंपा है, जिसके लागू होने पर राज्य में घरेलू और वाणिज्यिक दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की...

Bihar News
बिहार न्यूज
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Bihar News: बिहार के शहरी उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य की बिजली वितरण कंपनी ने एक बड़ा प्रस्ताव बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) को सौंपा है, जिसके लागू होने पर राज्य में घरेलू और वाणिज्यिक दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की मौजूदा दो-स्तरीय दरों को खत्म कर एक समान टैरिफ स्लैब लागू किया जा सकता है। इस कदम का सीधा लाभ लगभग 50 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिसमें 25 लाख शहरी घरेलू और 25 लाख वाणिज्यिक उपभोक्ता शामिल हैं। यदि आयोग इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट बिजली 1.40 रुपये तक सस्ती हो जाएगी, जिससे उनके मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।


साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के जीएम (राजस्व) अरविंद कुमार ने बताया कि वर्तमान में शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दो स्लैब लागू हैं—पहला 100 यूनिट तक और दूसरा 125 यूनिट तक। 125 यूनिट के बाद की खपत पर प्रति यूनिट अधिक दर वसूली जाती है, जो फिलहाल 5.52 रुपये प्रति यूनिट है। इसके कारण स्मार्ट प्रीपेड मीटर से कटने वाली राशि भी लगातार बदलती रहती है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए यह समझना मुश्किल होता है कि प्रत्येक यूनिट पर कितनी राशि कट रही है।


नए प्रस्ताव के तहत कंपनी चाहती है कि 125 यूनिट से अधिक खपत पर भी एक ही दर—4.12 रुपये प्रति यूनिट—लागू हो। इस तरह उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1.40 रुपये की बचत होगी, जो लंबे समय में बिजली बिल को काफी कम कर देगा। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए भी लगभग 5.67 रुपये प्रति यूनिट की एक समान दर का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और छोटे उद्यमों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।


कंपनी ने आयोग से अनुरोध किया है कि यह नया टैरिफ 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू किया जाए। इससे पहले BERC प्रमंडल स्तर पर जनसुनवाई करेगा, जिसमें उपभोक्ता और विशेषज्ञ अपनी राय रख सकेंगे। जनसुनवाई पूरी होने पर आयोग अंतिम आदेश जारी करेगा और दरों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।


अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान दर प्रणाली के कारण स्मार्ट प्रीपेड मीटर में कटने वाली राशि हर कुछ यूनिट पर बदलती रहती है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी खपत का अनुमान लगाना मुश्किल होता है और बैलेंस की गणना भी जटिल हो जाती है। एक समान स्लैब लागू होने पर उपभोक्ता आसानी से समझ पाएंगे कि कितने यूनिट की खपत पर कितनी राशि कटेगी। इससे उनके बिलिंग अनुभव में पारदर्शिता बढ़ेगी और शिकायतें भी कम होंगी।


अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो शहरी घरों को हर महीने 100–300 रुपये तक की बचत हो सकती है, जबकि छोटे व्यापारियों का बिजली खर्च भी काफी हद तक कम होगा। बिजली कंपनी का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं पर भुगतान का दबाव कम होगा, बिलिंग सिस्टम सरल बनेगा और ‘क्लियर बिलिंग’ की समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी।


यह प्रस्ताव बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी उम्मीद लेकर आया है—अब फैसला आयोग को करना है कि वह इस पर कब और कैसे क्रियान्वयन की औपचारिक घोषणा करता है।

संबंधित खबरें