Bihar SVU Raid: शिक्षा विभाग के उपनिदेशक वीरेंद्र नारायण सस्पेंड, 3.76 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप

Bihar SVU Raid: शिक्षा विभाग के अधिकारी वीरेंद्र नारायण से जुड़ा है। ये शिक्षा विभाग में उपनिदेशक थे। इसके बाद अब विभाग ने इनके ऊपर एक्शन लिया है और उन्हें सस्पेंड कर दिया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 13 Sep 2025 02:29:10 PM IST

शिक्षा विभाग के उपनिदेशक वीरेंद्र नारायण सस्पेंड

शिक्षा विभाग के उपनिदेशक वीरेंद्र नारायण सस्पेंड - फ़ोटो FILE PHOTO

 Bihar SVU Raid : बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों की कमी नहीं है। आए दिन विजिलेंस की टीम कार्रवाई कर रही है, लेकिन अधिकारी जो हैं वो करोड़ों में खेल रहे हैं। मानने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला शिक्षा विभाग के अधिकारी वीरेंद्र नारायण से जुड़ा है। ये शिक्षा विभाग में उपनिदेशक थे। इसके बाद अब विभाग ने इनके ऊपर एक्शन लिया है और उन्हें सस्पेंड कर दिया है। 


दरअसल, गुरुवार की सुबह विजिलेंस की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में इनके कई ठिकानों पर छापेमारी की। पटना, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में छापेमारी हुई। वीरेंद्र नारायण तिरहुत प्रमंडल में कार्यरत थे। इन पर तीन करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इनके खिलाफ स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने अपने थाने में केस दर्ज किया है। 


वीरेंद्र नारायण पर 3 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक आय से अधिक अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि स्पेशल विजिलेंस की टीम गुरुवार तड़के वीरेंद्र नारायण के पटना, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर के ठिकानों पर अचानक से रेड मारने पहुंची। तीनों जगहों पर इनके ठिकानों पर बाहर से आने जाने पर रोक लगा दी है। टीम पूरे मकान को खंगाल रही है।


टीम घर में रखे दस्तावेज, कीमती सामान की लिस्ट बनाने में जुटी है। इसके अलावा घर में रखे लैपटॉप समेत अन्य गैजेट्स को भी खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि वीरेंद्र नारायण के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।


इधर, पटना में उनके अवासीय परिसर से नगद राशि भी बरामद की गई है। साथ ही अवास परिसर के सजावट पर 20 से 25 लाख रुपये खर्च किए जाने का भी पता चला है. जांच एजेंसी ने इन सभी मामलों को लेकर गहन अनुसंधान शुरू करल दिया है। अधिकारियों का कहना है कि संपति अर्जित करने के स्रोतों की भी जांच की जा रही है और आगे और साक्ष्य जुटाए जाएंगे।