Bihar Education: 71,632 प्राइमरी स्कूलों को अब ऐसे मिलेगा प्रश्न पत्र, आ गया शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

Bihar Education: बिहार के 71,632 प्राइमरी स्कूलों के लिए मासिक और त्रैमासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र अब शिक्षा विभाग ऐसे कराएगा उपलब्ध, 2 करोड़ से अधिक छात्रों का होगा मूल्यांकन।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 26, 2025, 2:00:03 PM

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar Education: बिहार के शिक्षा विभाग ने राज्य के 71,632 प्रारंभिक विद्यालयों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे दो करोड़ 11 लाख से अधिक छात्रों का मूल्यांकन प्रभावित होगा। अब सभी मासिक, प्रथम त्रैमासिक, और द्वितीय त्रैमासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, जून महीने के असाइनमेंट भी इसी पोर्टल के माध्यम से स्कूलों को प्रदान किए जाएंगे।


शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं, ताकि इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा तैयार किए गए प्रश्न पत्र ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे, जिससे स्कूलों को आसानी से डाउनलोड करने की सुविधा मिलेगी।


इसके अलावा पोर्टल पर उपलब्ध जून के असाइनमेंट को शिक्षक कक्षाओं में छात्रों को समझाएंगे, ताकि उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रारंभिक स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों के दौरान छात्रों को होमवर्क दिया जाएगा, जो पोर्टल के माध्यम से ही उपलब्ध होगा। शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं का एक विस्तृत कैलेंडर भी जारी किया है। मई में मासिक परीक्षा होगी, जून में प्रथम त्रैमासिक परीक्षा आयोजित की जाएगी, और जुलाई व अगस्त में फिर से मासिक परीक्षाएं होंगी।


जिसके बाद सितंबर में अर्द्धवार्षिक परीक्षा, अक्टूबर और नवंबर में मासिक परीक्षाएं, और दिसंबर में द्वितीय त्रैमासिक परीक्षा होगी। इसके बाद जनवरी और फरवरी में मासिक परीक्षाएं और मार्च में वार्षिक परीक्षा होगी। इन सभी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध होंगे, और इनके संचालन की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है।


यह निर्णय बिहार की शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देगा और प्रश्न पत्रों की छपाई व वितरण की प्रक्रिया को भी सरल बनाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी स्कूल पोर्टल से प्रश्न पत्र समय पर प्राप्त करें और परीक्षाएं निर्धारित समय पर हों। यह कदम न केवल शिक्षकों और स्कूलों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि लाखों छात्रों की शैक्षिक प्रगति को ट्रैक करने में भी यह काफी मदद करेगा।