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Bihar Dial 112: बिहार में पुलिसिंग का बड़ा बदलाव! Dial 112 की टीम 5 मिनट में पहुंचेगी, नया आदेश जारी

बिहार में आपातकालीन पुलिस सेवा Dial 112 को और तेज बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) को 5 से 6 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचना होगा। पुलिस मुख्यालय ने देरी या लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए हैं, ज

Bihar Dial 112: बिहार में पुलिसिंग का बड़ा बदलाव! Dial 112 की टीम 5 मिनट में पहुंचेगी, नया आदेश जारी
Tejpratap
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4 मिनट

Bihar Dial 112 : बिहार में आपातकालीन पुलिस सेवा (Dial 112) को पहले से अधिक तेज और जवाबदेह बनाने की दिशा में पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। आम लोगों की लगातार इस शिकायत के बाद कि कई मामलों में पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई।

समीक्षा के बाद 4 जुलाई को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि Emergency Response Vehicle (ERV) का रिस्पॉन्स टाइम घटाकर 5 से 6 मिनट किया जाए। पहले कई जगहों पर पुलिस के पहुंचने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग रहा था, जिसे लेकर आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही थी।


20 मिनट में पूरा करना होगा कार्रवाई का निस्तारण

पुलिस मुख्यालय ने केवल मौके पर पहुंचने का समय ही तय नहीं किया है, बल्कि शिकायत के प्रारंभिक निस्तारण (Disposal Time) के लिए भी 20 मिनट की समय सीमा निर्धारित की है। यानी सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम को तय समय के भीतर मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू करनी होगी और प्रारंभिक निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।


यदि किसी मामले में बिना उचित कारण के देरी होती है या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट संकेत दिया है कि समयबद्ध पुलिसिंग को लेकर अब किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।


GPS तकनीक से होगी हर टीम की निगरानी

राज्य के विभिन्न जिलों में डायल 112 की टीमों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। कई स्थानों पर पुलिसकर्मी हाथ में GPS आधारित लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और मॉनिटर के साथ तैनात नजर आ रहे हैं। इन उपकरणों के जरिए कंट्रोल रूम से प्रत्येक ERV की लाइव लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी।


इस तकनीक की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि सूचना मिलने के बाद वाहन कितनी देर में रवाना हुआ, किस मार्ग से गया और कितने समय में घटनास्थल तक पहुंचा। इससे रिस्पॉन्स सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

आम लोगों को मिलेगा तेज पुलिस रिस्पॉन्स

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिस्पॉन्स टाइम कम होने से सड़क दुर्घटना, मारपीट, चोरी, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा और अन्य आपातकालीन घटनाओं में लोगों को तत्काल सहायता मिल सकेगी। इससे लोगों का भरोसा भी पुलिस व्यवस्था पर मजबूत होगा।


बिहार बन सकता है सबसे तेज पुलिस रिस्पॉन्स वाला राज्य

यदि पुलिस मुख्यालय के नए निर्देशों का राज्यभर में प्रभावी ढंग से पालन किया जाता है, तो बिहार देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो सकता है जहां इमरजेंसी कॉल पर पुलिस सबसे कम समय में घटनास्थल पर पहुंचेगी। इससे कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था में भी बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।


पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे नई व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और प्रत्येक कॉल के रिस्पॉन्स टाइम की नियमित मॉनिटरिंग करें। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर इसमें और सुधार किए जा सकें।


रिपोर्ट: साहिल कुमार लिंगम